जिले के मदनापुर थाना क्षेत्र के गांव मथाना में तीन जुलाई 2010 की रात जमीन बैनामा के विवाद में जान से मारने की नीयत से की गई फायरिंग में आरोपी दो सगे भाईयों को दोषी करार दिया गया। दोनों को दस साल कैद और प्रति आरोपी 25500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना राशि से पीड़ित को क्षतिपूर्ति के तौर पर 25 हजार रुपये देने का आदेश दिया गया। गांव मथाना निवासी रिंकू का गांव के ही रामनिवास और सुभाष पुत्रगण विजेंद्र सिंह से खेत बैनामा कराने को लेकर विवाद हो गया था। घटना वाली रात रिंकू अपने खेत पर धान के पौधों की रखवाली कर रहा था। तभी यह दोनों भाई पहुंचे और देशी बंदूक से उस पर फायर कर दिया। गोली रिंकू को जांघ में लगी और शोर सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंचे तो दोनों हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकले। जख्मी रिंकू को लेकर भाई पिंकू थाने पहुंचा और पूरे घटनाक्रम की तहरीर दी। पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर घायल को अस्पताल में भर्ती कराया। मामले की विवेचना कर पुलिस ने कोर्ट में दोनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। सरकारी वकील मनफूल सिंह वर्मा ने कुल आठ गवाहों का कोर्ट में बयान कराया। पुलिस द्वारा मेडिकल रिपोर्ट और घटना संबंधी आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य और सरकारी और बचाव पक्ष के वकीलों का तर्क सुनने के बाद जमानत पर चल रहे दोनों आरोपियों की जमानत निरस्त करते हुए मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश षष्ठम फराह मतलूब ने दोनों को दोषसिद्ध अभियुक्त करार देते हुए दोनों गिरफ्तार कर कोर्ट में प्रस्तुत करने का आदेश दिया। दोनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में प्रस्तुत किए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश ने अपना फैसला सुनाया।