- हाईवे पर लगी वाहनों की पांच किमी लंबी लाइन, एसडीएम को घंटेभर धूप में खड़े रखा
- एसडीएम का आश्वासन, भेजा जाएगा 144 का नोटिस नोटिस
- भाकियू की चेतावनी, कार्रवाई न हुई तो 24 को फिर चक्का जाम
- प्रदूषित बताकर एसडीएम को पिला गया हैंडपंप का पानी
साठा धान की रोपाई पर रोक नहीं लगाने से नाराज भाकियू कार्यकर्ताओें ने बुधवार को पुवायां में राजीव चौक पर चक्का जाम कर दिया। लगभग ढाई घंटे तक लगे रहे जाम से हाईवे पर वाहनों की पांच किमी लंबी लाइन लग गई। किसानाें ने एसडीएम रामशंकर को एक घंटे तक धूप में खड़े रखा, वह बमुश्किल किसानों के चंगुल से छूट पाए। बाद में एसडीएम के आश्वासन पर जाम खुला। जाम के चलते लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
भाकियू साठा धान पर रोक लगाने की मांग कई माह से करती आ रही है। किसान नेताओं का कहना है कि साठा से पर्यावरण को नुकसान होने के साथ ही भूगर्भ जल स्तर तेजी से गिर रहा है जिस कारण गर्मी में हैंडपंप पानी छोड़ जाते हैं। जिला कृषि अधिकारी के पत्र पर सीडीओ और इसके बाद डीएम ने साठा पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे, लेकिन पुलिस, प्रशासन की लापरवाही के कारण साठा की नर्सरी नष्ट नहीं कराई जा सकी और कुछ किसान डीएम के आदेश पर हाईकोर्ट से स्टे ले आए। किसानों ने साठा धान की रोपाई भी शुरू कर दी है।
पुलिस, प्रशासन पर साठा धान लगाने वालों की तरफदारी करने का आरोप लगाते हुए भाकियू कार्यकर्ताओं ने तहसील अध्यक्ष अनिल सिंह यादव के नेतृत्व में दोपहर एक बजे से राजीव चौक पर चक्का जाम कर दिया। जाम में स्कूल वाहनों और एंबुलेंस को छोड़कर किसी वाहन को नहीं निकलने दिया गया, इससे शाहजहांपुर, खुटार, निगोही, बंडा रोड पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। वाहनों में सवार लोगों को भीषण गर्मी के कारण भारी परेशानी उठानी पड़ी। किसानों ने एसडीएम सहित प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना पर जिला कृषि अधिकारी, एसडीएम रामशंकर और कोतवाली से पुलिस बल मौके पर पहुंचा। काफी देर तक वार्ता के बाद भी कोई निर्णय नहीं निकल सका। भाकियू नेताओं के बीच फंसे एसडीएम को किसानों ने करीब एक घंटे तक धूप में खड़े रखा। यही नहीं साठा धान के कारण भूगर्भ जलस्तर गिरने और पानी प्रदूषित होने की बात कहते हुए उन्हें हैंडपंप का पानी लाकर पीने को दिया। किसान नेता डीएम को मौके पर बुलाने और साठा पर रोक नहीं लगने पर जेल भेजे जाने पर अड़ गए। बमुश्किल एसडीएम भीड़ के बीच से निकल सके और पड़ोस की एक दुकान पर बैठ गए। बाद में एसडीएम ने किसान नेताओं को आश्वासन दिया कि साठा लगाने वाले किसानों को धारा 144 के तहत नोटिस दिया जाएगा। भाकियू नेताओं ने चेतावनी दी कि बृहस्पतिवार तक कार्रवाई नहीं हुई तो शुक्रवार को फिर से चक्का जाम किया जाएगा। इसके बाद साढ़े तीन बजे जाम खुल सका।
प्रधान संगठन ने भी दिया समर्थन
भाकियू के आंदोलन को अखिल भारतीय प्रधान संगठन का समर्थन मिला है। संगठन के प्रदेश महासचिव विपिन मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर साठा को किसानों, कृषि भूमि, पर्यावरण, भूगर्भ जल स्तर के साथ ही समाज के लिए भी हानिकारक बताते हुए इस पर प्रदेश भर में कड़ाई से प्रतिबंध लगाने की मांग की।
नशे में पुलिस से उलझा युवक
भाकियू के चक्का जाम के दौरान एक शराबी ने जमकर हंगामा काटा। शराबी पहले तो एक विधायक सहित तमाम लोगों को गाली गलौज करने लगा। पुलिस ने युवक को समझाने का प्रयास किया तो वह पुलिस को गाली गलौज करने लगा। एक दरोगा ने शराबी को थप्पड़ मारा दिया, इसके बाद तो वह पुलिस से उलझ गया और खूब हंगामा किया। कुछ लोग शराबी को पकड़कर ले गए।