एक रिश्तेदार ने दुगने करने के नाम पर लगभग 70 हजार रुपये के जेवर गायब करा दिए। पीड़ित को एक हफ्ते बाद मामले की जानकारी हो सकी। इस मामले में अभी पुलिस को तहरीर नहीं दी गई है। गांव विक्रमपुर निवासी मोहनलाल ने बताया कि 15 अक्तूबर को उनका एक रिश्तेदार दो साधुओं को लेकर घर आया और उसे बताया कि साधु तंत्र विद्या जानते हैं और जेवर दोगुने कर सकते हैं। रिश्तेदार ने बताया कि उसने साधुओं से जेवर दुगने कराए हैं। रिश्तेदार की बातों में आकर उसने चांदी की पायल, मंगलसूत्र, कमर बिछुआ, हथफूल, झुमकी, मांगबेंदा, करधनी, नथुनी आदि साधुओं को दे दिए। साधुओं ने उसके घर में पूजा की और जेवर एक मटकी में रखकर उसे कपड़े से बंद कर दिया। पूजा के बहाने साधुओं ने मटकी के साथ खुद को एक कमरे में बंद कर लिया। थोड़ी देर बाद मटकी उन्हें देकर चले गए और उसे 11 दिन बाद खोलने को कहा।
मोहनलाल ने 22 अक्तूबर को मटकी खोली तो उसमें जेवरों के स्थान पर राख भरी हुई थी। राख देखकर उसे ठगे जाने का एहसास हुआ। उसने रिश्तेदार से बात की तो वह जेवर वापस दिलाने के नाम पर टालमटोल कर रहा है। मोहनलाल ने बताया कि वह सोमवार को मामले की तहरीर पुलिस को देगा।
रामपुर कलां/खुटार। गांव कैमहरिया निवासी फूल मियां ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उसकी आराजी गांव कैमहरिया मतलूकपुर में है। कुछ लोगों ने खेत के पास के चकरोड में करहा लगाकर मिट्टी का ढेर उसके खेत में लगा दिया, जिससे खेत में खड़ी गन्ने की फसल नष्ट हो गई। शिकायत पर विपक्षी झगड़ा करने पर आमादा हो गए। फूल मियां ने कार्रवाई की मांग की है।