तीन साल पहले आरसी मिशन थाना क्षेत्र के फत्तेपुर चुंगी के पास दिलीप और सुधीर गुप्ता के दोहरे हत्याकांड के बाद मारे गए तस्द्दुक हत्याकांड में नौ आरोपियों की गिरफ्तारी के आदेश सीजेएम ने दिए हैं। इन नौ आरोपियों को पुलिस ने इस घटना में दर्ज क्रास एफआईआर में क्लीनचिट दे दी थी। तीन मार्च 2014 को आरसी मिशन थाना क्षेत्र के फत्तेपुर चुंगी के पास दिलीप गुप्ता और मुज्जमिल के बीच हुए विवाद में फायरिंग के दौरान दिलीप गुप्ता और सुधीर गुप्ता को गोली लगी थी। बाद में इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई थी। आरोपी तस्द्दुक को सुधीर, रीतू गुप्ता, रामलखन, चमन, कमल, राजू, विवेक, राजू, पंकज और हरिओम ने पकड़कर बेरहमी से पीटा था। इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गयी थी।
दिलीप और सुधीर गुप्ता की हत्या के मामले में तस्द्दुक, मुजम्मिल, मुजीब, शफीक, शहीद, सद्दीक, पप्पू, गोलू सहित 11 अन्य लोगों के खिलाफ पंकज गुप्ता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। बाकी सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। उधर तस्द्दुुक की मौत के मामले में दर्ज रिपोर्ट में सुधीर, दिलीप सहित नौ लोगों के पक्ष में पुलिस ने एफआर लगाते हुये क्लीनचिट दे दी थी।
अंतिम रिपोर्ट के खिलाफ मृतक तस्द्दुक के भाई इफ्तेखार ने सीजेएम की अदालत में याचिका दाखिल की थी। साक्ष्यों के आधार पर सीजेएम संजय मिश्रा ने पुलिस की अंतिम रिपोर्ट को निरस्त कर दिया तथा तस्द्दुक की रिपोर्ट में नामजद सुधीर, रीतू, रामलखन, चमन, कमल, विवेक, राजू, पंकज और हरिओम को सम्मन के द्वारा तलब किया है। सीजेएम के आदेश के बाद रीतू गुप्ता ने उच्च न्यायालय की शरण ली लेकिन उच्च न्यायालय ने अवर कोर्ट के आदेश को सही बताते हुए एक माह के भीतर सभी आरोपियों को जमानत कराने के निर्देश दिये थे। कोर्ट के आदेश के बावजूद तस्द्दुक की हत्या के आठों आरोपियों ने न तो जमानत कराई और न ही अदालत में हाजिर हुए। पूरे मामले में कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रभारी निरीक्षक थाना आरसी मिशन को गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। अगली सुनवाई सात मार्च को होनी है।