छेड़खानी का शिकार हुई चौक क्षेत्र की मासूम छात्रा के स्कूल की पहचान उजागर कर दी गई है। इससे छात्रा के पिता बेहद आहत हैं। उन्होंने पहचान उजागर करने और मामले को जरूरत से ज्यादा घिनौना करके प्रस्तुत किए जाने का आरोप लगाया। अभिभावकों ने ऐसा करके उन लोगों को बदनाम करने की साजिश करने का आरोप भी लगाया।
बृहस्पतिवार को शहर के कोतवाली क्षेत्र के एक कान्वेंट की मासूम छात्रा के साथ स्कूल के वैन चालक ने छेड़खानी की थी। इस पर छात्रा के घरवालों और मोहल्ले वालों ने चालक की जमकर पिटाई कर दी। साथ ही चालक को कोतवाली में बंद कर दिया था। चालक पर छेड़खानी और पाक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी।
इस मामले में सोशलसाइटस पर फेसबुक और व्हाट्स एप पर आईडी खोले कुछ लोगों ने घटना को अपनी टाइमलाइन पर पोस्ट कर दिया, जिसे तमाम लोगों ने शेयर कर डाला। इससे खबर पूरे शहर में फैल गई। वहीं फेसबुक और व्हाट्सएप के उन संचालकों ने मासूम के विद्यालय का नाम उजागर कर दिया है। इससे छात्रा के घरवालों ने उन लोगों की पहचान उजागर होने की बात भी कही है। इसको लेकर छात्रा के पिता ने स्कूल प्रबंधन को एक शिकायतीपत्र भी दिया है।
‘सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार महिला की अस्मिता के साथ छेड़छाड़ से संबंधित मामलों में पीड़िता की पहचान छिपाना अनिवार्य है। इसका उल्लंघन करने पर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। यदि कोई भी ऐसा करता है तो उस पर कार्रवाई की जा सकती है।’
- श्रीप्रकाश राय, कोतवाली इंस्पेक्टर