होली के मद्देनजर जीआरपी ने बुधवार को रेलवे स्टेशन परिसर और ट्रेनों में चेकिंग की। अचानक हुई चेकिंग से यात्रियों में हड़कंप की स्थिति बनी रही।
बुधवार छह बजे से जीआरपी इंस्पेक्टर डीके उपाध्याय, एसआई अजय वर्मा, कांस्टेबिल सूर्यप्रकाश, संजीव यादव, विजय प्रताप, जितेंद्र यादव ने चेकिंग की शुरुआत टिकट काउंटरों के पास से की। टिकट लेने के लिए लाइन में लगे व्यक्तियों के बैग एवं सूटकेस की तलाशी ली गई। स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया, पार्सल हाउस एवं सभी प्लेटफार्म पर चेकिंग की। इसके बाद जीआरपी टीम एनईआर रेलवे स्टेशन पर पहुंची, वहां पर भी तमाम यात्रियों की तलाशी ली। इसके बाद प्लेटफार्म एक पहुंची कानपुर जम्मूतवी एक्सप्रेस, त्रिवेणी एक्सप्रेस आदि ट्रेनों को भी चेक किया। हालांकि इस दौरान कुछ खास जीआरपी के हाथ नहीं लगा।
...जब इंस्पेक्टर ने बिस्तरबंद रखने के दिए निर्देश
चेकिंग के दौरान प्लेटफार्म एक पर एनईआर रेलवे स्टेशन वाले संपर्क मार्ग के पास एक बिस्तरबंद संदिग्ध हालात में मिला। पहले तो उसे मेटल डिटेक्टर से चेक किया गया। साथ ही उसके मालिक के बारे में पूछा गया तो किसी ने जवाब नहीं दिया। इस पर इंस्पेक्टर ने उसे सुरक्षित स्थान पर रखवाने के निर्देश दिए। इसी दौरान पहुंची एक वृद्घा ने बिस्तरबंद को अपना बताया, तो वह उसे सौंप दिया गया।
आरपीएफ ने चेकिंग में पकड़े तीन अवैध वेंडर
होली पर जीआरपी के साथ ही आरपीएफ खासी सक्रिय हो गई है। इस वक्त आरपीएफ ट्रेनों में चलने वाले अवैध वेंडरों पर भी खासा ध्यान दे रही है। बुधवार को आरपीएफ कई ट्रेनों को चेक किया। अपलाइन की गरीब नवाज एक्सप्रेस के साढ़े सात बजे के करीब स्टेशन पर पहुंचने पर उसे एएसआई सुरेश चंद्र और शिवसिंह ने तीन वेंडरों को पानी और चाय बेचते पकड़ा। साथ ही उन लोगाें से कार्ड दिखाने के लिए कहा तो उनके पास कुछ भी नहीं मिला। इस पर उन लोगों पकड़कर आरपीएफ थाने में बंद कर दिया।
अंजान लोगाें से कुछ न खाएं-पिएं
जीआरपी इंस्पेक्टर डीके उपाध्याय ने ट्रेन में चेकिंग के दौरान यात्रियों से किसी दूसरे के द्वारा दी गई चाय, बिस्कुट, दालमोठ, बिस्कुट या को खानी-पीनी वस्तु न लेने की सलाह दी। साथ ही कहा कि किसी से ज्यादा घुल-मिलकर बातें करने की जरूरत नहीं है। इससे भी उन लोगों को खतरा हो सकता है।