ट्रेन की चपेट में आकर दोनों पैर गंवाने वाला अधेड़ करीब आधा घंटा तक तड़पता रहा। इस दौरान न तो जीआरपी पहुंची न ही थाना पुलिस। मौके पर मौजूद लोगों के कॉल करने के बावजूद एंबुलेंस भी नहीं पहुंची। लोगों ने अधेड़ को रिक्शे से जिला अस्पताल पहुंचाया लेकिन उसकी मौत हो गई।
रविवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे अपलाइन पर रनथू्र ट्रेन दरभंगा एक्सप्रेस की चपेट में आ जाने से एक 55 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति के दोनों पैर कट गए। रोडवेज के पास वाली रेलवे क्रॉसिंग पर हुए इस हादसे के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। करीब सवा ग्यारह बजे तक अधेड़ मौके पर पड़ा तड़पता रहा। लोगों ने पुलिस, जीआरपी और 108 एंबुलेंस को इसकी सूचना दी लेकिन करीब आधा घंटा इंतजार करने के बाद भी कोई नहीं पहुंचा तो वहां खड़े युवक सलमान से नहीं रहा गया। उसने वहां मौजूद कुछ लोगों की मदद से अधेड़ को रिक्शे पर बैठाया और जिला अस्पताल ले गए।
सलमान के मुताबिक अधेड़ के पैरों से लगातार खून बहता रहा। करीब पौने बारह बजे उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके एक घंटे के बाद अधेड़ ने दम तोड़ दिया। अधेड़ हरे रंग की धारीदार शर्ट, स्लेटी रंग की पैंट, नीला सैंडो बनियान और पाटला का अंडरवियर पहने हुए था। देर शाम तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी।
दोपहर तक ट्रैक पर पड़ी रहीं दोनों कटी टांगें
दुर्घटना होने के बाद अधेड़ को कराहता देखकर लोगों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया था। इस दौरान ट्रेन की चपेट में आने से कटी दोनों टांगें दोपहर तक मौके पर पड़ी रहीं। अधेड़ के दम तोड़ने के बाद कटे हुए पैर उठाने का ध्यान जीआरपी को आया। पोस्टमॉर्टम के लिए शव के साथ सील करने के लिए कटे हुए पैरों को जिला अस्पताल ले जाया गया।
दुर्घटना होने की सूचना दिन में 11.25 पर कंट्रोल रूम को मिली थी। बताया गया था कि स्पेशल ट्रेन संख्या 04407 से एक अधेड़ घायल हो गया है। तत्काल मौके पर एसआई ओमपाल सिंह को भेजा गया था। इससे पहले किसी ने अधेड़ को भर्ती करा दिया था। मौके पर एक कांस्टेबल की ड्यूटी भी लगाई गई थी।
- शिवशंकर पटेल, प्रभारी थानाध्यक्ष, जीआरपी थाना