क्षेत्र के गांव फिरोजपुर से मजदूरी करने मेरठ गए युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक के परिवार वालों ने हत्या की आशंका जताई है। रविवार को मृतक के परिवार वालों ने एसडीएम वंदना त्रिवेदी और सीओ विजय शंकर मिश्रा से मामले की शिकायत की। दोनों अधिकारियों ने कोतवाल को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
गांव फिरोजपुर निवासी मनोहर का बेटा धीरज विगत मई माह में पड़ोस के ही महेंद्र और सुरेद्र के साथ मजदूरी करने मेरठ गया था। जहां फार्म स्वामी रवि सिंह के फार्म पर महेंद्र और धीरज काम करने लगे। बकौल महेंद्र, लगभग एक माह पूर्व धीरज का शव पेड़ पर दिन में 11 बजे लटका मिला। फार्म स्वामी रवि के धमकाने पर उसने एक अन्य नौकर रामनिवास के साथ मिलकर शव को गोबर में छुपा दिया। बाद में रात में ट्रॉली पर लाद कर रवि व रामनिवास के साथ नदी में बहा दिया। उधर, जब घरवालों को कोई खैर खबर नहीं मिली तो उन्होंने खोजबीन शुरू की तो पता चला कि उनका बेटा बीस हजार रुपये चुराकर भाग गया। घरवाले बराबर उसकी खोज करते रहे। जब रविवार को महेंद्र अपने भाई सुरेंद्र के साथ गांव लौटा तो उसने मनोहर को पूरी बात बताई और कहा कि उसके बेटे की इस समय मौत हो चुकी है। फार्म स्वामी रवि ने धमकाया कि अगर उसने सच्चाई बताई तो वह उसे भी मार देगा। इस कारण वह डर गया था। घरवालों ने दर्जनों गांव वालों के साथ कोतवाली पहुंचकर जब अपनी व्यथा सुनाई तो सीओ विजयशंकर मिश्रा ने घरवालों को मेरठ भेजकर वहां के सीओ से वार्ता कर निष्पक्ष जांच कराकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। धीरज की मौत की खबर मिलने के बाद से घर में कोहराम मचा हुआ है।