जिले में अलग-अलग स्थानों पर छात्रा सहित तीन लोगों ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव उनके घरवालों के हवाले कर दिए हैं।
थाना जलालाबाद के गांव रुस्तमपुर ढकियाई निवासी वीरेंद्र्र की 18 वर्षीय पुत्री मोनी सागर का परिवार में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। इससे नाराज होकर शुक्रवार शाम उसने दुपट्टे से गले में फांसी का फंदा कसा और कमरे में कुंडे से लटक गई। देर शाम जब तक घरवालों ने उसे खोजा तब उसका शव लटका पाया गया। वह सात भाई-बहनों में दूसरे नंबर की थी। मोनी इंटर की छात्रा थी।
इधर, जलालाबाद के ही गुनारा अहमदगंज निवासी रामसेवक (40) ने घरेलू कलह से तंग आकर कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस के मुताबिक वह नशे का आदी था। घटना के बाद से पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। उसके आठ बच्चे हैं। सबसे बड़ा बेटा संदीप पंद्रह साल का और सबसे छोटा बेटा डेढ़ साल का है।
उधर, रोजा के गांव सुतनेरा निवासी मिट्ठू लाल (20) ने शनिवार सुबह गांव के बाहर आम के पेड़ पर गमछे से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। वह भट्ठा पर ईंट पाथता था। उसकी शादी नहीं हुई थी। वह चार भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसकी मौत से मां ऊषा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। खुदकुशी का कारण पता नहीं चल सका है।