कांट थाना क्षेत्र के जशनपुर में माह भर पहले दहेज के लिए जलाकर मार डाली गई विवाहिता के मामले में नामजद छह आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। तफ्तीश में जुटी पुलिस टीमों को सभी आरोपियों के कानपुर में छिपे होने की जानकारी मिली है। इस बीच मृतका के पिता हरदोई जिला के पाली थाना क्षेत्र के बाबरपुर गांव निवासी रामकिशोर वाजपेयी ने एसपी से मिलकर गुहार की कि एफआईआर दर्ज होने के माह भर बाद गिरफ्तारी न होने से आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा है। एसपी ने पूरे मामले में त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया है।
इस प्रकरण में कांट थाना में गत 18 अक्तूबर को दर्ज एफआईआर के अनुसार, करीब छह साल पहले रामकिशोर ने अपनी पुत्री ललिता की शादी कांट के जशनपुर निवासी अभिषेक मिश्रा से की थी। उस समय उन्होंने अपनी हैसियत के अनुसार पूरा दानदहेज भी दिया था। बाद में ससुराली पल्सर मोटर साइकिल और 30 हजार रुपये मांगने लगे। गत 15 अक्तूबर को ललिता ने ससुराल से अपनी मां को मोबाइल पर बताया कि दहेज की मांग पूरी कर दो अन्यथा ससुराल वाले जान से मार डालने पर आमादा हैं। अगले दिन यानी गत 16 अक्तूबर के तीसरे पहर ससुरालियों ने ललिता पर मिट्टी का तेल उड़ेलकर आग लगा दी। बाद में उपचार के दौरान बरेली ले जाए जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। फिर इस घटना में मृतका के पति, सास, ससुर और देवर समेत छह के खिलाफ नामजद तहरीर दी गई। कांट थाना प्रभारी नगदू यादव ने बताया कि आरोपियों के यहां कई बार दबिश दी गई, लेकिन घटना के बाद से ही वे अपने घर पर ताला लगाकर लापता हैं। इस समय उनके कानपुर में किसी सुरक्षित ठिकाने पर छुपे होने की जानकारी मिली है, लेकिन पंचायत चुनाव में फोर्स की ड्यूटी लगी होने से दबिश के लिए टीम गठित नहीं हो पाई है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर दिया जाएगा।