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स्कूल वैन चालक ने मासूम छात्रा के साथ की छेड़खानी

Thu, 09 Apr 2015 06:59 PM IST
शाहजहांपुर
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कोतवाली क्षेत्र में एक प्राइवेट स्कूल में केजी क्लास में पढ़ने वाली चार वर्षीय छात्रा के साथ उसके वैन चालक ने बहला-फुसलाकर अश्लील हरकतें कीं। छात्रा ने अपने साथ हुई घटना की जानकारी परिवार वालों को दी तो उन्होंने बृहस्पतिवार की सुबह छात्रा को लेने आए वैन चालक की मोहल्ले वालों के साथ मिलकर पिटाई कर दी। वैन चालक को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छेड़खानी और पाक्सो एक्ट की धारा में मुकदमा दर्ज करके जेल भेज दिया है।
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छात्रा के पिता ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि उन्होंने चार अप्रैल को क्षेत्र के एक स्कूल में अपनी बेटी का केजी क्लास में दाखिला कराया था। स्कूल की तरफ से छात्रा को आने और जाने के लिए वैन लगाई गई थी। उनकी बेटी स्कूल की तरफ से भेजी जाने वाली वैन से जाने लगी। बुधवार को स्कूल से घर पहुुंचने के बाद सहमी छात्रा ने वैन से स्कूल जाने से इनकार कर दिया। परिवार वालों ने छात्रा से जब प्यार से पूछा तो उसने बताया कि वैन चालक उसके अंगों से छेड़खानी करता है। छात्रा के पिता ने बताया कि उनकी बेटी को सुबह सबसे पहले वैन चालक लेने आता था। छुट्टी होने पर सबसे आखिर में छोड़ता था। इसी बीच वह छात्रा को चॉकलेट और पॉपकार्न दिलाने के बहाने उसके साथ छेड़खानी करता था। बृहस्पतिवार की सुबह जब वैन चालक छात्रा को लेने उसके घर पहुंचा तो परिवार वालों ने वैन चालक को पकड़ लिया। परिवार वालों ने मोहल्ले वालों के साथ मिलकर वैन चालक की जमकर धुनाई कर दी। सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने किसी तरह से आक्रोशित लोगों से वैन चालक को बचाया। पूछताछ में वैन चालक ने अपना नाम संजीव सिंह निवासी गांव खानपुर हाकिमपुर थाना तिलहर बताया है। कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छेड़खानी और पाक्सो एक्ट की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है।


तीन बच्चों का बाप
आरोपी वैन चालक
आरोपी वैन चालक संजीव सिंह तीन बच्चों का पिता है। बावजूद इसके उसने चार साल की मासूम बच्ची के साथ छेड़खानी की। बताया जाता है कि आरोपी अच्छे परिवार से है।
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स्कूल प्रशासन भी घटना के लिए जिम्मेदार
स्कूल प्रशासन भी इस घटना के जिम्मेदार है। बच्चों को स्कूल से घर ले जाने वाले वैन चालकों को वैरीफिकेशन कराना चाहिए। स्कूल के बाद बच्चों को घर कुशलता से पहुंचाने की जिम्मेदारी वैन चालक की होती है। अगर इस तरह के लोग नौकरी पर रखा जाएगा तो आगे कोई बड़ी घटना हो सकती है।


अभिभावक भी समझें अपनी जिम्मेदारी
स्कूल में दाखिला कराने के बाद अभिभावक निश्चिंत हो जाते हैं। उन्हें भी बच्चों को स्कूल ले जाने वाले वैन चालक की गतिविधियों के बारे में जानकारी रखना चाहिए। बच्चों से वैन चालक की गतिविधियों के बारे में पूछना चाहिए। जानना चाहिए कि चालक रास्ते में कहां-कहां रुकता है और कैसे लोगों से उसका मिलना-जुलना हैं। हो सकता है कि इससे पहले भी वैन चालक ने दूसरे बच्चों के साथ ऐसी हरकत की हो, लेकिन वह अपने परिवार वालों को बताने की हिम्मत नहीं जुटा पाए हों।
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