- सीओ के साथ कई थानों की पुलिस ने घंटे खेतों और झाड़ियों में की कांबिग
- अठ्ठराह दिन बीत जाने के बाद भी नहीं लगा सुराग
अब से 18 दिन पूर्व रहस्यमय ढंग से गायब हुए लकड़ी ठेकेदार का अभी तक कोई सुराग नहीं लग सका है। हालांकि अपहरण की आशंका में बाद में गत दिनों ने पुलिस में गुमशुदगी के केस को अपहरण में तरमीम कर दिया था। इस बीच सोमवार को पुलिस ने गांव रसेवन के निकट जंगल से नाले में पड़ी उसकी बाइक बरामद कर ली है तो अनहोनी की आशंका को और बल मिला, लेकिन अभी तत्काल अंतिम तौर पर पुलिस अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। ठेकेदार की तलाश में मुखबिरों के नेटवर्क को सक्रिय किया गया है, लेकिन कोई सुराग नहीं लग पाया है।
नगर के मोहल्ला नादिरशाह निवासी शराफत हुसैन (55) विगत आठ सितंबर को अपराह्न तीन बजे घर से सब्जी लेने निकले थे और देर शाम तक घर नहीं लौटे। उसके बाद उनके घरवालों को चिंता हुई तो उन्होंने उनकी खोजबीन की मगर कहीं पता नहीं चल सका। अगले दिन पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उनका मोबाइल सर्विलांस पर लगा कर उसका सुराग लगाने की प्रयास किया, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिला। उसके बाद अपहरण की आशंका को बल मिला तो पुलिस ने बीते 18 सितंबर को उनकी गुमशुदगी को अपहरण में तरमीम कर नए सिरे से जांच शुरू की। इसी दौरान सोमवार को पुलिस को उसकी बाइक जंगल में पड़े होने की सूचना मिली तो सीओ डॉ. कृष्ण गोपाल सिंह यादव के नेतृत्व में कटरा, तिलहर, खुदागंज, जैतीपुर और गढ़िया रंगीन की पुलिस ने गांव रसेवन के जंगल में कांबिंग की। पुलिस को ठेकेदार की बाइक तो जंगल में पड़ी मिल गई लेकिन ठेकेदार के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। ऐहतियातन पुलिस ने संदेह के आधार पर एक महिला व उसके दामाद को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है लेकिन अभी तक कुछ ठोस तथ्य सामने नहीं आ पाया है।