तालाब पर कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच जारी तनातनी में बीती रात यहां गांव जोगीपुर में 30 वर्षीय नन्हें की गोली मार कर हत्या कर दी गई। वह बीती रात अकेले ही खेत की रखवाली करने गया था। सोमवार सुबह उसके मौत की सूचना मिली तो परिवार में कोहराम मच गया। मौके पर शराब की थैली, चिलम, गांजा और खून से सना कपड़ा पड़ा हुआ था। जमीन पर भी खून बिखरा हुआ था। डाग स्क्वाड और फोर्स के साथ एसपी बबलू खुद भी मौके पर पहुंचे और घटनाक्रम से जुड़े हर संभावित बिंदु पर जानकारी जुटाई। मृतक के पिता रूपराम की नामजद तहरीर के आधार पर प्रमोद और विनोद पुत्रगण बेचेलाल के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। नन्हें की लाश खेत से सटे बाग में रक्तरंजित हालत में मिली। फील्ड यूनिट ने घटना स्थल पर पड़े खून के सैंपल, शराब की थैली, चिलम, गांजा, खून से सना कपड़ा और संदिग्ध लोगों के हाथों की धुलाई के सैंपल लिए। मौके के हालात देखकर यह लगा कि घटनास्थल पर शराब पी गई थी और गांजे को दम भी लगाया गया था, लेकिन वहां कदमों के निशान आदि से स्पष्ट नहीं हो पाया कि मृतक के अलावा मौके पर कितने लोग थे। नशे का सेवन कातिलों ने ही किया था और मृतक ने भी, यह अभी साफ नहीं है। आशंका है कि कातिलों के संग नन्हें का कोई भरोसेमंद परिचित भी रहा होगा, जिसके चलते नन्हें को अनहोनी की आशंका नहीं हो पाई होगी और कातिलों ने अपना काम कर दिया। घटना से दो दिन पहले नन्हें को नामजद आरोपियों की ओर से जान से मारने की धमकी देने की बात भी सामने आई है।
एसपी बबलू कुमार ने कहा कि घटना की हर बिंदु से जांच कराई जा रही है और जल्द ही सच्चाई सामने आने की संभावना है। हत्या की वजह कई हो सकती है। लेकिन अभी तहरीर और लोगों के बयान के आधार पर तालाब पर कब्जे के विवाद को वजह ही प्रथम दृष्टया सामने है। घटनास्थल का निरीक्षण करने वाली पुलिस टीम में सीओ विजय शंकर मिश्रा, कोतवाल अरूण कुमार सिंह, फील्ड यूनिट प्रभारी संजय सिंह, डाग स्क्वायड प्रभारी नीति प्रकाश आदि शामिल थे।
खोजी कुतिया नामजद आरोपी के घर में घुसी
तिलहर। घटनास्थल पर सूंघने और अपने अंदाज पर मौके का मुआयना करने के बाद सोमवार दिन में गांव जोगीपुर में पुलिस की खोजी कुतिया लूसी सीधे बेचे लाल के घर जा घुसी। उसने पूरे घर में इधर-उधर सूंघते हुए सारा सामान खखोड़ डाला। इसके बाद तहरीर में नामजद इसी परिवार के दो भाइयों पर घटना का अंजाम देने का शक गहराया तो ग्रामीणों की जुबानी में दोनों परिवारों के बीच तनातनी की कहानी सामने आई।
मृतक के ताऊ मैकू लाल के अनुसार उसके घर के निकट स्थित तालाब पर कब्जे को लेकर दो पक्षों में तनातनी थी। इस तालाब पर नन्हें का वर्षों से कब्जा था और दूसरी ओर बेचे लाल और उसके लड़के इस पर अपना आधिपत्य जमाना चाहते थे। इसी को लेकर कई बार दोनों पक्षों के बीच उच्चाधिकारियों के यहां भी लिखा-पढ़ी तक हुई। एक बार तो नन्हें ने जुर्माना भी भरा था। कुछ दिन पहले दूसरे पक्ष द्वारा मढ़ी बनाकर पूजा करने पर इन लोगों ने प्रतिरोध किया था। मृत नन्हें के बेटे श्रीकृष्ण ने पुलिस को बताया कि मां द्वारा रघुवीर के बेटे विवेक को खाना देने पर इसके पापा को बुलाकर पड़ोस में रहने वाले प्रमोद ने खरी खोटी सुनाई थी और तमंचा दिखाते हुये जान से मारने की धमकी दी थी। बाद में घर बालों ने बीच बचाव कर दिया, लेकिन उसने देख लेने की धमकी दी थी। इस विवाद की पृष्ठभूमि में एक बात सामने आई कि मार्च 2014 में बेचेलाल के चचेरे बहनोई रघुवीर के घर रटा निवासी डम्मर का आना-जाना था, जिस पर गांव के लोग तरह तरह की चर्चाएं करते थे। उसका विरोध करने पर बेचे को खेत पर गोली मार कर घायल कर दिया गया था। उस हमले के आरोपी रघुवीर के बेटे विवेक को खाना खिलाने पर बेचे परिवार को यह बात नागवार गुजरी थी।
इकलौता चिराग था नन्हें
तिलहर। ग्राम जोगीपुर में गोली से मारा गया नन्हें अपने परिवार का इकलौता चिराग था। उसके तीन चचा ताऊ राम विलास, बाबा जी व मैकूलाल अविवाहित हैं। अपने पिता, ताऊ और दो चारा के बीच यही इकलौती संतान थी। नन्हें की पत्नी ही पूरे घर को साथ लेकर चलती थी। वह अपने पांच बच्चों, संसारा, रचना, रामकृष्ण व श्रीकृष्ण और तीन माह का बेटा अभिषेक, को सीने से चिपकाये पछाड़ खाकर गिर रही थी।