दो जुलाई से लापता चल रहे गांव करनापुर के इद्दा अली की तलाश में पुलिस को लापरवाही बरतते देख परिवार के लोगों ने खुद ही जांच कर न सिर्फ हत्यारे का पता लगा लिया, बल्कि शव भी ढूंढ निकाला। अब पुवायां पुलिस हत्या के खुलासे का श्रेय लेने में जुट गई है।
गांव करनापुर निवासी इद्दा अली दो जुलाई को कपड़े सिलवाने मोहम्मदी के गांव बेहटी जाने की बात कहकर घर से निकले थे। इसके बाद से वह नहीं लौटे। भतीजे हाकिम अली ने छह जुलाई को पुलिस को तहरीर दी थी। इद्दा अली का बेहटी में मां-बेटी के पास आना-जाना था। हाकिम अली ने मां-बेटी पर शक जताया था। इसके बाद भी पुलिस ने इद्दा अली का पता लगाने का खास प्रयास नहीं किया।
पांच जुलाई को इद्दा अली के मोबाइल से कई जगह बात की गई थी। परिवार के लोगों ने किसी सूत्र से जानकारी कर ली और जहां बात की गई थी, वहां पूछताछ करने पर पता चला कि गांव बेहटी के जिस घर में इद्दा अली का आना-जाना था उस घर की किशोरी ने हरदोई के पिहानी निवासी युवक से बात की है। पुलिस ने बेहटी से मां-बेटी को कोतवाली बुलाकर पूछताछ की थी, जिस पर दोनों ने स्वीकारा था कि इद्दा अली पांच जुलाई को उसके घर गांव करनापुर के इस्लाम के साथ आए थे और कुछ ही देर बाद लौट गए थे। पुलिस ने मां- बेटी को गांव करनापुर में रिश्तेदारों की सुपुर्दगी में दे दिया था।
पुलिस की लापरवाही देख मंगलवार को परिवार के लोग बेहटी पहुंचे और तमाम लोगों के बीच बेहटी के मुन्ने अली को बुलाकर पूछताछ की। गांव के लोगों ने भी मुन्ने अली को फटकारा तो वह टूट गया और गांव से एक किमी दूर गन्ने के खेत के पास इद्दा अली का शव बरामद करा दिया। इद्दा अली के भतीजे हाकिम अली के अनुसार मुन्ने ने तमाम लोगों के सामने बताया कि इद्दा अली उसके घर आता-जाता था, इससे वह खुन्नस रखता था। दो जुलाई को उसने इद्दा अली के पास काफी रुपये भी देखे तो चारपाई में एक तरफ लाठी फंसाकर इद्दा अली की गर्दन दबाकर हत्या कर दी और शव को बाइक से गन्ने के खेत में फेंक दिया। बाइक उसने एक बाग में फेंक दी, जो दो दिन बाद कोई उठा ले गया।
इद्दा अली के परिवार के लोगों ने मामले की जानकारी पुवायां पुलिस को दी तो एसएसआई रजी अहमद मोहम्मदी की पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। मोहम्मदी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाया। मुन्ने को पुलिस पुवायां ले आई। उसकी पत्नी और पुत्री को भी गांव करनापुर से थाने बुलाया गया। तीनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में मुन्ने ने इद्दा अली की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली है।
एसएसआई रजी अहमद ने बताया कि दंपति और उनकी पुत्री से पूछताछ की जा रही है, जल्द ही हत्या के कारणों का खुलासा कर दिया जाएगा। इद्दा अली की हत्या से पत्नी अरबन जहां, पुत्र साहिल अली, साहिब और पुत्री मुस्कान का रो रोकर बुरा हाल है।
पुलिस को गुमराह कर रहा है सीधा दिखने वाला मुन्ने
पुवायां। सीधा दिखने वाला गांव बेहटी का मुन्ने और उसकी पत्नी और पुत्री पुलिस को इस तरह गुमराह कर रहे हैं कि पुलिस भी माथा पकड़कर बैठ गई है।
मुन्ने उसकी पत्नी शन्नो और पुत्री चांदबी को शक के आधार पर रविवार को कोतवाली लाया गया था। पूछताछ में शन्नो ने बताया था कि इद्दा अली दो जुलाई को उसके घर गांव करनापुर के ही इस्लाम के साथ गया था और शरबत पीकर दोनों चले गए थे, जबकि इस्लाम ने बेहटी जाने की बात से साफ इंकार कर दिया था। मंगलवार को शव मिलने की जानकारी के बाद मुन्ने, शन्नो और चांद बी से थाने लाकर पूछताछ की गई तो मुन्ने ने पहले तो इद्दा अली को मारने का दोष पत्नी पर मढ़ दिया और बताया कि वह केवल शव फेंकने गया था। इसके बाद उसने इद्दा अली के घर आने जाने पर खुन्नस में हत्या करना और बाद में रुपयों के कारण हत्या करना बताया।
बार-बार बयान बदलने से पुलिस समझ गई कि सीधा दिखने वाला मुन्ने बेहद शातिर है और उनको लगातार गुमराह कर रहा है। देर शाम तक पुलिस दंपति और उसकी पुत्री से पूछताछ में जुटी थी। इद्दा अली की हत्या कारण अभी तक पता नहीं चल सका है।
बताया जाता है कि इद्दा अली जिस दिन गायब हुए उस दिन उन्होंने बैंक से 12 हजार रुपये भी निकाले थे। इसके अलावा उनके पास पांच से छह हजार की नगदी और थी। पुलिस अभी तक इद्दा अली की बाइक, एटीएम कार्ड, नगदी, सोने की लर, अंगूठी आदि का पता नहीं लगा सकी है।