सांसद कृष्णाराज शुक्रवार को घटना के लगभग एक हफ्ते बाद गांव बड़े हरेवा पहुंचीं। उन्होंने पीड़ित महिलाओं का हाल जाना और घटना को बेहद दुखद बताते हुए पीड़ितों को हर संभव मदद दिलाने का भरोसा दिया। सांसद आरोपी पक्ष के लोगों से भी मिलीं और उनसे बातचीत की।
पीड़ित महिलाओं ने जब अपने साथ हुए पशुवत व्यवहार को सिसकते हुए बयां किया तो सांसद भी भावुक हो गईं। बोलीं: इस दुखद और निंदनीय घटना की जितनी भृत्सना की जाए, बेहद कम है। वह और उनकी पार्टी पूरी तरह पीड़ित महिलाओं के साथ है। इस दौरान उन्होंने अब तक हुई कार्रवाई के बारे में एसएसआई विपिन मौर्या से पूरी जानकारी ली। पीड़ित महिलाओं ने सांसद को अकेले में ले जाकर घटना के समय आरोपियों द्वारा किए गए कुकृत्यों को भी बयां किया। इसके बाद वह आरोपी पक्ष के लोगों से भी मिलीं। वहां मौजूद लोगों ने पीड़ित महिलाओं द्वारा बताई गई घटना को पूरी तरह नकारते हुए कहा कि उन लोगों ने धानुक बिरादरी की महिलाओं को पकड़कर अपने घर में इसलिए बैठा लिया था, ताकि वह गांव से कहीं भाग न जाएं।
इस दौरान पूछे गए सवालों के आधार पर सांसद ने कहा कि दोनों पक्षों को सुनने के बाद यह निष्कर्ष निकला है कि दोनों ओर से महिलाएं ही प्रताड़ित हुई हैं। एक पक्ष की लड़की गई है, जबकि दूसरे पक्ष की महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार हुआ है। बोलीं, लड़की जाने के मामले को पुलिस समय रहते गंभीरता से लेती तो इस घटना को टाला जा सकता था। घटना के पीछे अन्य बातों के अलावा लोगों में संस्कारों तथा शिक्षा का अभाव भी बड़ा कारण है। उनकी कोशिश होगी कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो, जिससे दोषियों को कड़ी सजा मिले।
कांग्रेसियों ने जलालाबाद से हरेवा तक निकाला शांतिमार्च
जलालाबाद। क्षेत्र के चर्चित बड़े हरेवा कांड को लेकर चढ़े सियासी तापमान के बीच शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं नेे पहले इस घटना के विरोध में कस्बे के मुख्य चौराहे पर स्थित अंबेडकर पार्क मे सांकेतिक धरना दिया। इसके बाद गांव में अमन-चैन और शांति बहाली को लेकर कस्बे से पैदल शांति मार्च निकाला, जो गांव हरेवा में जाकर समाप्त हुआ।
इस आंदोलन का आयोजन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रकाश जोशी के नेतृत्व में किया गया। सुबह करीब आठ बजे बड़ी संख्या में अंबेडकर पार्क में जुटे पार्टी कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी के प्रिय भजन Òरघुपति राघव राजाराम, पतित पावन सीतारामÓ की मधुर ध्वनि के बीच करीब एक घंटे तक धरना दिया। इसके बाद धरनास्थल से शांति मार्च यात्रा की शुरूआत कर दी। कार्यकर्ता बिना किसी शोर-शराबे और नारेबाजी के हाथों में पार्टी का झंडा लिए चल रहे थे। दो घंटे बाद गांव बड़े हरेवा पहुंचे कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों से अमन चैन की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग शांति बहाली के लिए गंभीरता से विचार करें। इस मौके पर पार्टी के जिलाध्यक्ष कौशल मिश्रा, कांग्रेस सेवा दल के जिलाध्यक्ष अश्विनी द्विवेदी, युवा विंग के जिलाध्यक्ष रिंकू मिश्रा, विश्वदीप अवस्थी, अतित गुप्ता विनोद चन्द्र शर्मा, गुडडू पाठक, गोपाल द्विवेदी, श्याम बाबू सिंह, भूपेन्द्र सिंह, रामू अग्निहोत्री, नवीन सक्सेना, सुनील भारद्वाज समेत कई पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
उमर कैद होइ, वै फेरि कबउं ऐसो काम न करि पावैं
आक्रोश और पीड़ा से भरे यह शब्द घटना के बाद से जिल्लत भरी जिंदगी गुजार रही पांच पीड़ित महिलाओं में से एक लडके की ताई ने उस समय कहे जब सांसद कृष्णाराज ने उनसे पूछा कि प्रशासन अपना काम कर रहा है अब वह लोग उनसे किस तरह की और क्या मदद चाहती है? बोली आप लोगन और हिंया ड्यूटी कत्त पुलिस वालन से हम लोग न कुछू मांगत और न ही कोई शिकायत है। अब हम तौ भगवान से विनती कत्त कि हमारी इज्जति नीलाम करन वालेन को उमरि कैद होइ तभैं करेजे को ठंडक मिलियै। रोते हुये आगे बोली कि दीदी-कृष्णाराज- जित्ते खन रात मैं आंखी खुल्ति तौ बेरि वहै बात दिमाग मे घूमन लगति कि हमारो सब कछू लुटि गयो अब कैसे जिन्दगी कटियै? वै लोग हमारी सबकी जान लै लेते तौ कोई मलाल नाई होतो जा बात कपड़ा फाड़त बखत हम सब जने उन लोगन से कहतौ रहे लेकिन उन्ने सबने एकौ नाइ सुनी।
धमकी देने वालों को देंगे मुंह तोड़ जवाब
शाहजहांपुर। बड़े हरेवा कांड पर मैनपुरी की किशनी विधानसभा के सपा विधायक ब्रजेश कठेरिया ने कहा कि पीड़ितों को समझौता करने की धमकी देने वालों को संवैधानिक दायरे में रहकर मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक पार्टियां हरेवा कांड पर राजनीति नहीं करें तो अच्छा होगा।
विधायक ब्रजेश कठेरिया ने कहा कि अन्य राजनीतिक पार्टियां उनके समाज को हल्के में नहीं ले। पीड़ितों को समझौता करने की धमकी देने वाले विधायक के खिलाफ संवैधानिक दायरे में रहकर मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने डीएम शुभ्रा सक्सेना की तारीफ करते हुए कहा कि पूरे मामले में उनकी भूमिका सराहनीय रही। उन्होंने कहा कि इस मामले में कुछ लोगों लीपापोती करके निपटाने का प्रयास किया, लेकिन मीडिया की वजह से ऐसा संभव नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की रिपोर्ट बनाकर मुख्यमंत्री के सामने पेश करेंगे। कठेरिया ने मुख्यमंत्री की तरफ से पीड़ितों की गई आर्थिक सहायता की तारीफ की। उन्होंने कहा कि आर्थिक मदद से पीड़ितों का सम्मान तो नहीं लौट सकता, लेकिन उन्हें संत्वना दी जा सकती है। कठेरिया ने कहा कि हरेवा कांड पर कई राजनीतिक पार्टियां वोटों की राजनीति न करें।