खुटार के गांव लक्ष्मीपुर निवासी भूरे की पत्नी सुदामा ने बताया कि उसकी नौ वर्षीय पुत्री माधुरी गांव के ही स्कूल में कक्षा पांच की छात्रा थी। 30 सितंबर को पुवायां खुटार रोड पर गुटैया के एक फार्मर ने तेज गति और लापरवाही से जीप चलाते हुए पुत्री को टक्कर मार दी। हादसे में माधुरी गंभीर घायल हो गई। उसे पुवायां के सरकारी अस्पताल भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने के कारण पुत्री को शाहजहांपुर रेफर किया गया, रास्ते में माधुरी ने दम तोड़ दिया।
एक अक्तूबर की सुबह चार बजे आधा दर्जन से अधिक लोग उसके घर पहुंचे और धमकी देते हुए पुत्री के शव को जबरिया ले जाकर अज्ञात स्थान पर अंतिम संस्कार कर दिया। उससे सादे कागजों पर अंगूठा आदि भी लगवा लिया गया। इसके बाद गांव के ही एक पूर्व प्रधान के फार्म हाउस पर पति को बंधक बना लिया गया। दीपावली के दिन पति बमुश्किल घर पहुंचे तो वह 14 नवंबर को पति के साथ थाने पहुंची और रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी, लेकिन अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।
उधर, कुछ लोग उस पर राजीनामा करने को धमकी दे रहे हैं। जिस कारण उसने पति सहित गांव छोड़ रखा है और छिप कर इधर-उधर रह रही है। सोमवार को पीड़ित दंपति सीओ से मिलने पहुंचे, लेकिन उनके चुनाव में व्यस्त होने के कारण पीड़ित को वापस लौटना पड़ा।