खुटार ब्लाक के प्राइमरी स्कूल कुंभिया माफी में दूध पीने से बच्चों के बीमार होने के मामले में वहां के शिक्षक हरेंद्र कुमार द्वारा सूचना अधिकारियों को न देने का दोषी माना गया। इससे संबंधित रिपोर्ट मिड डे मील के जिला समन्वयक निश्चय सिंह ने प्रभारी बीएसए को दे दी है। इस मामले में शिक्षक पर गाज गिर सकती है।
जिला समन्वयक ने रिपोर्ट में कहा कि प्राइमरी स्कूल में आठ बच्चों को बुधवार सुबह सवा नौ बजे दूध पिलाया गया और साढ़े दस बजे कोफ्ता-चावल दिए गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस मामले में डॉक्टरों के मुताबिक बच्चे दूध और कोफ्ता को पचा नहीं सके थे, जिससे उन्हें उल्टी और पेट दर्द की शिकायत होने लगी थी। यह भी कहा गया है कि यदि दूध या कोफ्ता में कोई खराबी होती तो अन्य बच्चे भी बीमार हो सकते थे। वहीं स्कूल बंद हो जाने के बाद एमडीएम (मिड डे मील) का सेंपल भी नहीं मिला। इसलिए एमडीएम की जांच नहीं हो सकी।
सिंह के मुताबिक प्रधानाध्यापक को बच्चों के बीमार होने की जानकारी हो गई थी तो सबसे पहले उन्हें बीमार बच्चों को डॉक्टर को दिखाकर दवा दिलानी चाहिए थे। साथ ही उच्चाधिकारियों को इससे अवगत कराना चाहिए था। कहा कि इस मामले में प्रधानाध्यापक को दोषी मानते हुए कार्रवाई किए जाने की संस्तुति की गई है, जिससे प्रधानाध्यापक पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।