क्षेत्र के एक गांव की महिला का आरोप है कि आठ मार्च को घर में फांसी पर लटकी मिली उसकी 12 वर्षीय पुत्री की दुराचार के बाद हत्या की गई है। महिला ने स्थानीय पुलिस पर मामले को रफा-दफा करने का आरोप लगाते हुए डीएम से शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम कराने की गुहार की है।
महिला के अनुसार बड़ी बेटी के यहां मांगलिक कार्यक्रम होने के कारण वह घर से पांच मार्च को चली गई थी। घर पर पति और 12 वर्षीय पुत्री अकेली थी। सात मार्च की शाम गांव की एक लड़की उसकी पुत्री को बुलाकर ले गई। रात में लड़की वापस नहीं आई। सुबह उसकी पुत्री की लाश घर के आंगन में अमरूद के पेड़ से लटकी मिली। उसके पैर घुटनों तक जमीन पर थे। मुंह में कपड़ा ठुंसा हुआ था और शरीर के नाजुक अंगों पर चोटों के निशान थे। इसके अलावा लड़की के कपड़े, चप्पलें मिट्टी में सने थे और सिर, शरीर में सरसों के फूल फंसे हुए थे। उसकी पुत्री की दुराचार के बाद मुंह में कपड़ा ठूंसकर हत्या की गई और शव फंदे पर लटका दिया गया था।
सूचना पाकर खुटार पुलिस मौके पर पहुंची। गांव के कुछ लोगों से बात करने के बाद दबाव बनाते हुए पति से सादे कागजों पर अंगूठा लगवा लिया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम में दुराचार की तरफ ध्यान नहीं दिया गया। महिला ने लड़की का शव कब्र से निकलवाने और पैनल से पोस्टमार्टम कराने की मांग की है।
एसओ खुटार राजेश सिंह का कहना है कि सादा कागजों पर जबरिया अंगूठा लगवाने का आरोप गलत है। पिता ने ही रिपोर्ट दर्ज कराने से मना किया था। सूचना के आधार पर पोस्टमार्टम कराया गया था।