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पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी नहीं खोल पाई मौत का राज

Sat, 23 Apr 2016 12:45 AM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी नहीं खोल पाई मौत का राज
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संदिग्ध परिस्थितियों में देर रात जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए जिला विकलांग कल्याण अधिकारी रंजीत सोनकर की मौत का राज पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी नहीं खोल पाई। पहले उल्टियां फिर सीने में दर्द की शिकायत के बाद रात में अस्पताल में भर्ती कराए गए सोनकर ने इलाज के दौरान देर रात दम तोड़ दिया था। परिवारवालों ने भी किसी पर कोई शक या अंदेशा नहीं जाहिर किया है। परिवार पोस्टमार्टम के लिए भी राजी नहीं था लेकिन डीएम और एसपी के समझाने पर परिवार शव के पोस्टमार्टम को राजी हुआ। हालांकि पोस्टमार्टम में मौत के कारण का पता नहीं चला और विसरा सुरक्षित कर लिया गया है। मामले में कोई केस भी दर्ज नहीं किया गया है। लखनऊ के राजाजीपुरम निवासी 32 वर्षीय रंजीत सोनकर की इसी 16 फरवरी को शाहजहांपुर में तैनात जिला समाज कल्याण अधिकारी अर्चना सोनकर से शादी हुई थी। आफीसर्स कालोनी में रहने वाले रंजीत को रात करीब 11 बजे सीने में दर्द की शिकायत हुई और उल्टी हुई। हद्दफ चौकी निवासी नौकरानी कंचन ने पोस्टमार्टम हाउस पर मीडिया को बताया कि बीती रात साहब ने सीने में दर्द होने पर बुलाया था। उनके द्वारा बताई गई दवा उन्हें खिलाई और पानी पिलाया। इसके बाद वह व्याकुल होने लगे और तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगी। इस पर पड़ोस में रहने वाले अधिकारियों को सूचना दी। फिर उन्होंने रंजीत को जिला अस्पताल पहुंचाया था। हादसे के वक्त रंजीत सोनकर की पत्नी और जिला समाज कल्याण अधिकारी अर्चना सोनकर अपने भाई के विवाह में शरीक होने के लिए लखनऊ र्गइं थीं। पति के मौत की सूचना पाकर वह परिवारजनों के साथ शुक्रवार को यहां पहुंचीं। रंजीत के भी भाई अन्य परिवारीजन शाहजहांपुर आए। डीएम विजय किरन आनंद, एसपी डॉ. विजय कुमार, सीडीओ पुलकित खरे, डीडीओ पीपी त्रिपाठी समेत तमाम जिला स्तरीय अधिकारी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और शोक संतप्त परिवारजन को धैर्य बंधाया। 
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....अवाक अर्चना के बोल तक न फूटे
शाहजहांपुर। मृत जिला विकलांग कल्याण अधिकारी रंजीत सोनकर की पत्नी और जिला समाज कल्याण अधिकारी अर्चना सोनकर पति की मौत की सूचना पाकर बदहवास हाल में परिवारजनों के साथ शुक्रवार को शाहजहांपुर पहुंचीं। अवाक सी दिख रहीं अर्चना से अधिकारियों ने बात कर सांत्वना दी। पीसीएस अर्चना भी लखनऊ की रहने वाली हैं। उनकी यहां सितंबर 2011 मेें समाज कल्याण अधिकारी के रूप में पहली पोस्टिंग हुई थी। दो साल पहले घरवालों ने सेना में तैनात एक चिकित्सक से उनका धूमधाम से विवाह किया था। किन्हीं कारणों से दोनों में नहीं निभ सकी और वे अलग हो गए। इसी बीच, जून 2013 में रंजीत सोनकर की यहां जिला विकलांग कल्याण अधिकारी के रूप में पहली पोस्टिंग हुई। रंजीत सजातीय होने के साथ अविवाहित थे। दोनों ने आपसी रजामंदी एवं परिवारवालों की सहमति से एक-दूसरे को अपनाने का फैसला किया और इसी 16 फरवरी को परिणय सूत्र में बंध गए। अर्चना ने शादी के बाद चार-पांच दिन लखनऊ में राजाजीपुरम स्थित ससुराल में बिताए। इसके बाद दोनों यहां आकर विभागीय जिम्मेदारियों में व्यस्त हो गए। 16 अप्रैल को अर्चना अपने भाई अतुल की शादी में शामिल होने के लिए 15 अप्रैल को छुट्टी लेकर मायके लखनऊ चली गईं। शुक्रवार सुबह उन्हेें मोबाइल पर पति के निधन की सूचना मिली तो बदहवास हालत में अपनी बहन और अन्य परिजनों के साथ यहां पहुंची। 

जिला विकलांग कल्याण अधिकारी रंजीत सोनकर के शव का पोस्टमार्टम करने वाली चिकित्सकीय टीम मौत की वजह नहीं जान पाई है। विसरा सुरक्षित रख लिया है। उसे जांच के लिए लखनऊ भेजा जाएगा। उसकी रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। 
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- विजय किरन आनंद, डीएम शाहजहांपुर।

जिला विकलांग कल्याण अधिकारी के परिवारवाले पोस्टमार्टम के लिए राजी नहीं थे। जिला स्तरीय अधिकारी की संदिग्ध हाल में हुई मौत के कारण इसकी अनिवार्यता के बारे में डीएम और मैंने परिवारजनों को समझाया तो वे माने। 
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- डॉ. मनोज कुमार, एसपी शाहजहांपुर।


 
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