रसोई गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी के साथ उनकी बड़े पैमाने पर जमाखोरी भी की जा रही है। गोपनीय सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट नरेंद्र सिंह ने शुक्रवार को आपूर्ति विभाग की टीम के साथ शहर के मोहल्ला बिजलीपुरा के एक घर पर छापा मारा तो रसोई गैस सिलेंडरों की जमाखोरी का भांडा फूट गया। छापा में शामिल टीम ने घर के बेसमेंट में छिपाकर रखे गए इंडेन के 20 भरे हुए घरेलू सिलेंडर बरामद कर लिए। सिलेंडरों की जमाखोरी के मामले में गैस एजेंसी संचालकों की लिप्तता पर संदेह करते हुए अधिकारी इस बात की जांच में जुटे हैं कि जब्त सिलेंडर लाए कहां से गए।
दो दिन पहले ही विधिक माप विज्ञान विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक विजय मिश्रा ने नाहिल में छापा मारकर पुवायां की गणपति गैस एजेंसी के दो कर्मचारियों को बीपीसी के सिलेंडरों की कालाबाजारी करते पकड़ा था। गैस एजेंसी संचालक चाहते तो इस कार्रवाई से सबक लेकर सिलेंडरों की हेराफेरी से बच सकते थे, लेकिन सिटी मजिस्ट्रेट के छापे से जाहिर हो गया कि इतनी संख्या में एक जगह सिलेंडर किसी एजेंसी संचालक की मर्जी से छिपाए गए हैं।
सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि छापा मारे जाने के दौरान गृहस्वामी अरविंद गुप्ता कहीं गया था। उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराने की डीएम से संस्तुति की गई है। अब जांच इस तथ्य की हो रही है कि अरविंद गुप्ता को इतने भरे सिलेंडर किस व्यक्ति ने उपलब्ध कराए। इस मामले में इंडेन के दोनों गैस एजेंसी संचालकों पर भी संदेह हो रहा है। जानकारी के लिए अरविंद गुप्ता को नोटिस जारी करके पूछताछ के लिए तलब किया जा रहा है।