जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रेमकला सिंह ने वर्ष 2008 में मीरानपुर कटरा के गांव समधाना में हुई हत्या के एक मामले को गैर इरादतन हत्या का मामला मानते हुए पिता-पुत्र को दस-दस वर्ष की कैद और दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
थाना मीरानपुर कटरा के गांव समधाना निवासी कालीचरन उर्फ कल्लू की 14 मार्च 2008 को गांव के ही सत्यप्रकाश से तिलहर चीनी मिल से गन्ने की पर्ची को लेकर कहासुनी हो गई थी। इसके बाद वह कल्लू को देख लेने की धमकी देकर चला गया। शाम लगभग 5:30 बजे कल्लू अपने भाई प्रेमपाल के साथ बैठक में मशीन से चारा काट रहा था, उसी समय सत्यप्रकाश अपने हाथ में तमंचा लिए और उसका बेटा पंकज देशी रायफल और उसका भाई प्रदीप, संतराम की लाइसेंसी बंदूक लेकर आ गए और कल्लू को ललकारा। दोनों भाई जान बचाने के लिए चचेरे भाई लालबहादुर की बैठक में भागे, तभी तीनों आरोपियों ने पीछा करते हुए फायरिंग शुरू कर दी। इसमें एक फायर कल्लू को पीछे पीठ में लगा। मौके पर लोगों के आ जाने पर तीनों हमलावर भाग गए। प्रेमपाल ने भाई कल्लू को घायल अवस्था में बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया। उसकी हालत में सुधार होने पर प्रेमपाल ने 16 मार्च 2008 को थाने पहुंचकर मामले की मीरानपुर कटरा थाने में तहरीर देकर हत्या का प्रयास आदि धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई। आठ मई 2008 को कल्लू की यहां जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने दर्ज रिपोर्ट में हत्या की धारा बढ़ाने के बाद विवेचना उपरांत सत्यप्रकाश और उनके बेटे पंकज के खिलाफ न्यायालय भेज दिए गए। सत्र न्यायालय में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयान और शासकीय अधिवक्ता मनोज कुमार मुनी के तर्कों को सुनने के बाद जिला जज ने आरोपी सत्यप्रकाश और उनके पुत्र पंकज को धारा 304 पार्ट-एक को दोषी पाते हुए दोनों को दस-दस वर्ष की कैद व दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।