कटहल तोड़ने के संदेह में सोमवार को दबंगों ने किशोर की बेरहमी से पिटाई कर दी। किशोर के मुंह में कटहल के टुकड़े भी ठूंसे गए। इसके बाद दबंगों ने किशोर को कुएं में फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोेस्टमार्टम के लिए भेजा है। मामले में चार आरोपियों के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
थाना क्षेत्र के ग्राम सींगापुर निवासी ब्रह्मा ने थाने में दी तहरीर में बताया कि उनका भतीजा 17 वर्षीय मित्रसेन पुत्र स्वर्गीय हाकिम सिंह अपने छोटे भाई 10 वर्षीय दामोदर के साथ सुबह खेत पर काम करने गया था। सुबह करीब आठ बजे पड़ोसी खेत मालिक जितेंद्र अपने बेटे गोलू और परिवार के अश्वनी और अरुण पुत्र रामसरन के साथ अपने खेत पर पहुंच गए। जितेंद्र के खेत में कटहल का पेड़ लगा हुआ था। एक कटहल जमीन में टूटा पड़ा देखकर चारों ने मित्रसेन पर कटहल तोड़ने का आरोप लगाते हुए पिटाई शुरू कर दी। इतना ही नहीं कटहल को खुर्पी से काटकर उसके टुकड़े आरोपियों ने मित्रसेन के मुंह में जबरन ठूंसे, विरोध करने पर उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। किसी तरह से मित्रसेन इनके चंगुल से छूटकर भागा। आरोपियों ने उसे रामदेव वर्मा खेत के पास पकड़ लिया और पिटाई करने बाद खेत में बने कुएं में फेंक दिया। आरोपियों ने मित्रसेन के छोटे भाई को भी कुएं में फेंकने की धमकी देकर चुप करा दिया।
मृतक की मां मुन्नी देवी ने बताया कि आरोपी अश्वनी ने ही उसे मित्रसेन के कुएं में गिरकर डूब जाने की सूचना दी। आरोपी ने खुद को पाक साफ करने के लिए ग्रामीणों की मदद से कुएं में उतरकर मित्रसेन का शव बाहर निकलवाया। डरे-सहमे मृतक के छोटे भाई दामोदर ने जब सारी बात बताई तो पुलिस के पहुंचने से पहले ही चारों आरोपी गांव छोड़कर भाग गए। घटना की सूचना पर सीओ उमेश शर्मा, एसओ धनंजय सिंह, एसआई अशोक कुमार पाल और एसओ कलान प्रभुकांत टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम लिए भेज दिया दिया है। मृतक के चाचा ब्रह्मा की तहरीर पर चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
मित्रसेन की मौत से
ग्रामीण आक्रोशित
सींगापुर गांव के लोग भी मासूम मित्रसेन की हत्या से काफी आक्रोशित हो गए। ग्रामीण हत्यारों के घर फूंक देने और घर में जो मिले उसे मार डालने पर उतारू थेे। ग्रामीणों का आक्रोश देखकर पुलिस के भी हाथ-पांव फूल गए। सीओ उमेश शर्मा ने ग्रामीणों का आक्रोश देखकर कलान से भी फोर्स बुलवा लिया। काफी समझाने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ।
आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित करके दबिशें दी जा रही हैं।
- उमेश शर्मा, सीओ जलालाबाद
बेहद गरीब परिवार
का बेटा था मित्रसेन
- चार भाइयों के बीच कुल थी सवा बीघा जमीन
अमर उजाला ब्यूरो
मिर्जापुर। क्षेत्र के सींगापुर गांव मे कटहल तोड़ने के संदेह में मारपीट कर पानी भरे कुएं में फेंककर मारा गया किशोर मित्रसेन बेहद मजबूर और गरीब परिवार का था। उसके पिता की लगभग आठ वर्ष पूर्व एक हादसे में मौत हो गई थी।
मृतक की मां मुन्नीदेवी ने बताया कि उसके ससुर विशुनदयाल के नाम चार बीघा जमीन थी। उसके पति हाकिम सिंह तीन भाई हैं। तीनों भाइयाें के हिस्से में सवा-सवा बीघा जमीन आई थी। इतनी कम जमीन से परिवार का गुजरा नहीं हो रहा था, तो उसके पति हाकिम सिंह गाजियाबाद में मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते थे। लगभग आठ वर्ष पूर्व गाजियाबाद में ही एक हादसे में उसके पति की मौत हो गई थी। उस समय उसका बड़ा बेटा गजराज चौदह वर्ष, छोटा मित्रसेन नौ वर्ष, तीसरा बेटा दामोदर तीन वर्ष और चौथा बेटा अंजुल मात्र एक वर्ष का था। दो बेटियां बड़ी होने के कारण उसके ससुर विशुनदयाल और उसने मेहनत मजदूरी करके दोनों के हाथ पीले कर दिए थे। बड़ा बेटा गजराज परिवार का गुजारा करने के लिए गाजियाबाद में मजदूरी करने चला गया। वहीं 12 वर्ष की उम्र से मित्रसेन गांव में ही मजदूरी करके परिवार का खर्च चलाने में मदद करने लगा। वृद्ध हो चुके दादा विश्नुदयाल की सबसे अधिक देखभाल मित्रसेन ही करता था। पोते की मौत ने उन्हें तोड़ कर रख दिया है। पुत्र शोक में विलाप करती मां लोगों से कहती कि अब अकेले बड़े बेटे गजराज के सहारे बूढे़ ससुर, दो छोटे बेटे और उसकी गुजर कैसे होगी। मृतक की बुआ रामलली, बेलावती और सीमावर्ती फर्रूखाबाद जिले की सीमा पर बसे गांव गुड़ेरा मे ब्याही बहन फूलमती भी गरीबी का वास्ता देकर हत्यारों को कोस रहीं थीं।