जिला अस्पताल स्टाफ से मारपीट के मामले में नामजद शिक्षक विधायक संजय मिश्रा ने बृहस्पतिवार देर रात एसपी केबी सिंह से मुलाकात की। उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए अस्पताल की स्टाफ नर्स के पति और उसके तीस-चालीस साथियों पर मारपीट करने और सीएमएस पर मोबाइल छीनने का आरोप लगाया। एसपी ने एएसपी (सिटी) कमल किशोर को जांच सौंपते हुए शिक्षक विधायक को कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
बृहस्पतिवार रात लगभग पौने दस बजे शिक्षक विधायक एसपी से उनके आवास पर मिले और उन्हें बताया कि स्टाफ नर्स पवन कुमारी सक्सेना और उसके पति ने 30-40 अज्ञात साथियों के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट और अभद्रता की। इसकी फुटेज जिला अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे में देखी जा सकती है। आरोप लगाया कि उन्होंने मामले की जानकारी डीएम कर्ण सिंह चौहान को देने के लिए अपना मोबाइल निकाला तो सीएमएस केशव स्वामी ने मोबाइल छीन लिया और गाली देते हुए स्टाफ को सबक सिखाने के लिए उकसाया। इस पर अस्पताल का स्टाफ भिड़ गया और हाथापाई कर कपड़े फाड़ दिए। किसी तरह सुरक्षा कर्मी गौरव, आदेश और अन्य पुलिस कर्मियों ने उन्हें बचाया। उनके विद्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के साथ भी मारपीट की गई। इसमें उसे चोटें आई हैं। विधायक ने तहरीर देकर हाथापाई, मारपीट और बदसूलकी करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने और जिला अस्पताल में फैले भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
इधर, सीएमएस डॉ. केशव स्वामी का कहना है कि शिक्षक विधायक संजय मिश्रा खुद को पुलिस की कार्रवाई से बचाने के लिए उन पर मोबाइल छीनने और स्टाफ को उकसाने का झूठा आरोप लगा रहे हैं।
वर्जन
शिक्षक विधायक ने लिखित रूप से अपना पक्ष रखा है। मामले की जांच एसपी सिटी को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- केबी सिंह, पुलिस अधीक्षक