बाढ़ की विभीषिका को झेलकर पहले से ही बर्बाद ग्रामीणों पर बुधवार रात कैमुना शुगर मिल प्रशासन ने मनमानी की तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। देर रात जेसीबी से मकान तोड़ रहे मिल प्रबंधन के कर्मचारियों को ग्रामीणों ने दौड़ा लिया। इस दौरान वहां फंसे रह गए जेसीबी के चालक समेत दो लोगों की ग्रामीणों ने पिटाई कर दी।
बता दें कि कुछ साल पहले आई भयंकर बाढ़ के दौरान अन्य गांवों के अलावा अल्हागंज क्षेत्र का गांव मनिहार पूरी तरह बर्बाद हो गया। बाढ़ से बचने को करीब तीन दर्जन परिवार पुश्तैनी घर छोड़कर सामने के दहेना गांव स्थित ग्राम समाज की जमीन पर अपने मकान बनाकर रहने लगे, जबकि इसी इलाके में कैमुना ग्रुप की शुगर मिल प्रस्तावित थी। ग्रामीणों के अनुसार शुगर मिल प्रबंधन के साथ हुए समझौते में उन लोगों को उक्त जमीन खाली कर अलग मकान बनाकर देने का प्रस्ताव रखा गया था। मिल की ओर से मकान बनाए गए, लेकिन काफी घटिया स्तर के थे। हालांकि कुछ परिवार वहां शिफ्ट हो गए, लेकिन कई लोग उन मकानों में जाने को तैयार नहीं।
उक्त बस्ती के वेदराम, मुंशी, रूपराम, विनोद समेत कई लोगों ने बताया कि मिल के लोग अब लोगों के पुराने मकान जबरदस्ती तोड़कर मिल के द्वारा बनवाए गए घरों में जाने की कह रहे हैं, जबकि उन मकानों में वह लोग सुरक्षित नहीं है। आरोप है कि तमाम लोगों को घर से सामान भी नहीं निकालने दिया और मकान गिराने शुरू कर दिए, जिसका लोगों ने विरोध किया। आरोप है कि मिल प्रबंधन ने जेसीबी द्वारा बुधवार रात करीब एक बजे मकान तोड़ने शुरू किए, तभी ग्रामीण भड़क गए ग्रामीणों के तेवर देख कर्मचारी भाग निकले, जबकि जेसीबी चालक इरशाद और हेल्पर ध्रुव को ग्रामीणों ने घेरकर बुरी तरह पीट दिया। यहां बताते चले कि कई मामलों के चलते शुगर मिल निर्माण से पहले ही विवादों में घिरती जा रही है।
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मामला सुनने में आया था, लेकिन इस संबंध में कोई तहरीर नहीं मिली है। अगर तहरीर मिलती है तो जांच पड़ताल के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- प्रदीप कुमार, दरोगा थाना अल्हागंज