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सौतेले बेटों ने कराई जमीन की फर्जी वसीयत

Mon, 13 Jun 2016 08:42 PM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
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एक व्यक्ति की मौत के बाद उसकी दूसरी पत्नी के बेटों ने सदर तहसील के स्टाफ की साठगांठ से पहली पत्नी और उसके बच्चों के हिस्से की जमीन अपने नाम दर्ज करा ली। इस मामले में तहसील स्तर पर कोई सुनवाई नहीं होेने पर मृतक की पहली पत्नी ने डीएम के नाम प्रार्थना पत्र दिया और जांच कराकर न्याय दिलाने की गुहार की। गांव चमरौरा निवासी प्रेमा देवी ने डीएम को बताया कि उनके पति आनंद कुमार सिंह की गत वर्ष 26 नवंबर को मौत हो गई थी। उनसे उन्हें तीन बेटियां हुईं जिनमें से बड़ी बेटी की शादी कर दी है। पति ने एक अन्य महिला से विवाह किया जिससे तीन बेटों समेत पांच संतानें हुईं। पति ने मौत से पहले दोनों पत्नियों को मकान बनाकर देने के साथ जमीनों का भी बंटवारा कर दिया था। पति की मौत के बाद चमरौरा गांव में उनके नाम की जमीन दाखिल खारिज प्रक्रिया से दोनों पत्नियों और उनके बच्चों के नाम दर्ज हो गई। प्रेमा देवी के अनुसार दूसरी पत्नी के बेटों की जमीन पर नीयत खराब हो गई। उन्होंने सदर तहसील के स्टाफ से मिलीभगत करके चमरौरा की सारी जमीन की विरासत बीती 18 जनवरी को अपने नाम दर्ज करा ली। तहसील जाकर लेखपाल और कानूनगो से भेंट करने पर कर्मचारियों ने यह जवाब देकर टरका दिया कि जिन लोेगों ने पैसा फूंका, जमीन उनके नाम कर दी गई, जबकि इसी जमीन की विरासत के लिए तहसील के कर्मचारियों ने उनसे 15 हजार रुपये लिए थे। 
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हिस्सेदारों को अनदेखा करके अचल संपत्ति की विरासत करना और कराना अपराध है। यह प्रकरण अभी मेरे संज्ञान में नहीं आया है। यदि इस मामले मेें कोई शिकायत प्राप्त होती है तो उसकी गहन जांच कराकर नियमानुसार कार्यवाही अवश्य की जाएगी। 
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-ओंकार नाथ वर्मा, तहसीलदार सदर
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