कस्बे के मोहल्ला पछौआ में बुधवार की रात एक किशोर ने विक्षिप्त अवस्था में परिवार को लोगों पर हमला कर दिया। हमले में चाकू लगने से दादी की मौके पर मौत हो गई। जबकि घायल पिता, छोटे भाई और फूफा को शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद आरोपी किशोर ने चाकू के साथ खुद को थाने में सरेंडर कर दिया। बताया जाता है कि किशोर को पिता पर अवैध संबंधों का शक था। मामले में फूफा की तरफ से आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
मोहल्ला पछौआ में रहने वाले 45 वर्षीय गजेंद्र सक्सेना अपने परिवार के साथ रहते थे। उन्होंने पांच दिसंबर 2014 को अपने 17 वर्षीय बेटे अतुल की शादी फरीदपुर (बरेली) की सिमरन से की थी। सिमरन के मुताबिक बृहस्पतिवार की रात उसके ससुर गजेंद्र सक्सेना और सास सुमन छत पर सोए हुए थे। पति अतुल कमरे में सोया हुआ था। वह बरामदे में ननद यशी के साथ और ददिया सास 65 वर्षीय राममूर्ति देवर हनी के साथ सोई हुई थीं, तभी अचानक कमरे में अतुल ने चिल्लाना शुरू कर दिया। अतुल की आवाज सुनकर गजेंद्र और सुमन नीचे आ गए। गजेंद्र ने अतुल के कमरे की बाहर से कुंडी लगा दी। अतुल कमरे के अंदर से अपने पिता के साथ गाली-गलौज करने लगा। काफी देर तक जब अतुल शांत नहीं हुआ तो गजेंद्र ने पड़ोस में रहने वाले अपने बहनोई सुशील सक्सेना को बुला लिया। सुशील के साथ उनकी पत्नी उमा भी आ गईं। जब काफी देर तक अतुल शांत नहीं हुआ तो गजेंद्र ने दरवाजा खोलकर उसे घर के बाहर जाने को कह दिया। कमरे से बाहर निकले अतुल के हाथ में एक बड़ा चाकू था। अतुल ने अपने पिता गजेंद्र पर चाकू से हमला कर दिया। बचार्ने आइं दादी राममूर्ति पर अतुल ने चाकू से वार कर दिए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बचाने के प्रयास में अतुल के फूफा सुशील और छोटा भाई हरीश भी घायल हो गया। घटना को अंजाम देने के बाद अतुल ने चाकू के साथ थाने पहुंचकर खुद को सरेंडर कर दिया। बताया जाता है कि किशोर को अपने पिता पर अवैध संबंधों का शक था। इसलिए उसने घटना को अंजाम दिया।