शाहजहांपुर। मोक्षधाम के सामने खन्नौत नदी पुल पर बुधवार सुबह कटे मिले छह लोगों की शिनाख्त बृहस्पतिवार को भी नहीं हो सकी। इस बीच थाना सदर बाजार पुलिस ने मोहम्मदी रोड किनारे के ईंट-भट्ठों पर मृतकों के फोटो दिखाकर शिनाख्त कराने का प्रयास किया, मगर उनके बारे में किसी ने कुछ नहीं बताया। साथ ही शहर में डेरा डालकर रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की गई, लेकिन पुलिस को मृतकों के बारे में कोई सुराग नहीं लगा। शिनाख्त न होने पर घटना के 72 घंटे बाद यानी शनिवार को शवों का अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा।
ईंट-भट्ठों पर पहुंची सदर बाजार थाना पुलिस ने मजदूरों से कहा कि वे अपने-अपने गांवों के आसपास के लोगों से भी संपर्क करके पूछ लें कि वहां से कोई गायब तो नहीं है। भट्ठों पर काम करने वाले किसी भी मजदूर ने छह लोगों में से किसी को भी पहचान करने से इनकार किया है।
घुमंतू लोगों ने भी नहीं की शिनाख्त
पुलिस ने टाउनहॉल, मोहम्मदी रोड, रोजा क्षेत्र समेत आसपास के इलाकों में डेरा डालकर रहने वाले लोगों को मृतकों का फोटो दिखाकर शिनाख्त करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली।
पूछताछ के लिए कानपुर से आया फोन
थाना सदर बाजार के इंस्पेक्टर जेपी तिवारी के मोबाइल पर बृहस्पतिवार की सुबह कानपुर से एक व्यक्ति का फोन आया, उसने बताया कि उसके पड़ोस की एक महिला, एक 15 वर्षीय किशोरी और अपने चार छोटे-छोटे बच्चों के साथ लापता है। उस आदमी के द्वारा बताई गई पहचान इन शवों से मेल नहीं खाई तो यह एक उम्मीद भी खत्म हो गई।
झारखंड के हो सकते हैं मृतक
इंस्पेक्टर जेपी तिवारी ने बताया कि महिला के हाथ पर लिखा बेटा शब्द कोई जाति हो सकती है। इस प्रकार की जातियां आदिवासी क्षेत्रों में पाई जाती हैं। जो दूसरे प्रदेशों में मजदूरी करके या फिर भीख मांगकर गुजारा करते हैं।
शनिवार को किया जाएगा अंतिम संस्कार
शव की शिनाख्त न होने पर घटना से 72 घंटे बाद अंतिम संस्कार करने का प्रावधान है। शवों के पास से मिले सामान और कपड़ों को शिनाख्त के लिए पहले ही थाने में जमा कर लिया गया है। इसके साथ ही नियमानुसार, मृतकों के फोटो भी शिनाख्त के लिए रखे गए हैं। फिलहाल सभी छह शव पोस्टमार्टम हाउस के एक कमरे में ही रखे हुए हैं।
रेलवे तो हाथ झाड़ने में लगा
चूंकि घटनास्थल सदर बाजार थाना क्षेत्र का है, इसलिए रेलवे और उससे संबंधित फोर्स पूरी तरह हाथ झाड़ने में लग गया है। महज पंजाब मेल, जननायक एक्सप्रेस और बालामऊ पैसेंजर के ड्राइवर के ब्लड सैंपल लेकर और उनसे पूछताछ के बाद रेलवे की ओर से मामला शांत हो गया है। इन तीनों ही ड्राइवरों की मेडिकल रिपोर्ट भी आ गई है, उसमें किसी के नशे में न होने की बात पाया जाना बताया जा रहा है। आरपीएफ इंस्पेक्टर का कहना है कि उन्हें जांच का कोई आदेश नहीं मिला है, ऐसा ही जीआरपी वाले भी कह रहे हैं। इन सबका कहना है कि अब सदर बाजार थाना पुलिस ही जांच पड़ताल कर रही है।