मंझनपुर। नगर पंचायत सरायअकिल के लिपिक पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए कस्बाइयों ने मोर्चा खोल दिया है। आरोप है कि सफाई नायक का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर यहां के एक बाबू ने 91 हजार रुपये उड़ा दिया है। वहीं अभिलेखों में हेराफेरी करके नगर विकास की रकम में भी धांधली की गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने जांच शुरू करा दी है। उप जिलाधिकारी ने बताया कि हस्ताक्षर की जांच फोरेंसिक जांच से कराने के लिए डीएम को लिखापढ़ी की गई है।
नगर पंचायत चायल के बाद सरायअकिल में भी फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। कस्बा निवासी जगदीश प्रसाद, बिंदू देवी आदि ने 10 जनवरी और तहसील दिवस पर बुधवार को इसकी शिकायत एसडीएम चायल से की है। एसडीएम को दिए गए शिकायतीपत्र में आरोप लगाया गया है कि टाउन एरिया कार्यालय में तैनात एक लिपिक ने सफाई नायक का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर सफाई कर्मियों का 91 हजार रुपया बैंक से ड्रा करा लिया है। आरोप है कि बीयरर चेक संख्या 298564, 298522, 230420, 913815 और 913753 को सफाई नायक के नाम काटकर फर्जी हस्ताक्षर से एसबीआई शाखा मंझनपुर में नगर पंचायत के खाता संख्या एमसीए 11023269487 में 21 दिसंबर 2012, 02 नवंबर 2012, 22 मार्च 2013, 11 अक्टूबर 2013 और 19 अगस्त 2013 को अलग-अलग तिथियों में भुगतान कराया गया है।
आरोप है कि इसमें नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी की भी मिलीभगत है। तहसील दिवस में की गई शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी ने नायब तहसीलदार को जांच करने का निर्देश दिया था। बताया जा रहा है कि नायब तहसीलदार की रिपोर्ट में गड़बड़झाला सामने आया है। मामले में एसडीएम चायल रजनीश मिश्र ने बताया कि लिपिक के हस्ताक्षर की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारी को लिखापढ़ी की गई है। उधर, जांच शुरू होने से नगर पंचायत के अधिकारी, कर्मचारियों के होश उड़े हुए हैं।