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छह हत्याभियुक्तों को उम्र कैद

Mon, 11 Jan 2016 11:16 PM IST
शाहजहांपुर।
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नेकी की राह पर चलने की नसीहत देने हुए चर्चित कैलहा गांव के हत्याकांड वाले मामले में 17 साल बाद सोमवार को अपर सत्र न्यायाल में सुनवाई पूरी हो गई। अपर सत्र न्यायाधीश अष्टम गोपाल उपाध्याय ने सभी छह दोषीसिद्ध अभियुक्तों को उम्र कैद की सजा सुनाई। साथ ही सभी पर 20 -20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इनमें से सेहरामऊ थाना क्षेत्र निवासी चार अभियुक्तों को अलग से दो - दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
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इस केस की सुनवाई में दो चश्मदीद समेत चार गवाहों का बयान अहम रहा और वे आखिर तक घटना के समय दिए गए बयान पर कायम रहे। इस हत्याकांड का किस्सा रोचक है। सिंधौली थाना क्षेत्र के ग्राम दाउपुर निवासी रामऔतार उर्फ साधू अपने गांव में जमीनी मुकदमेबाजी के कारण चल रही रंजिश के क्रम में सेहरामऊ दक्षिणी थाना क्षेत्र के ग्राम कैलहा में अपने ससुराल में बीते कुछ समय से रहने लगे थे। कैलहा में रहने वाले दागी छवि के राजेंद्र, छविनाथ आदि को साधू ने एक बार बदमाशी न करने, नेकी की राह पर चलने और शराफत की जिंदगी जीने को समझाया था। उसी पर आरोपी पक्ष वाले नाराज होकर बुराई मनाने लगे थे। घटना वाली शाम 18 सितंबर 1998 को साधू अपने साले प्रकाश के साथ अपने गांव दाउपुर से कैलहा के लिए चले। साथ में दाउपुर के ही बोदिल प्रसाद और आगापुर के रामऔतार पुत्र केसरी भी थे। सायं करीब साढ़े सात बजे कैलहा गांव से पहले ही राजेंद्र, छविनाथ, लालाराम, जयजयराम, विजय कुमार उर्फ गुइया और रामचंद्र हाथों में बंदूकें और लाठी लिए मिले तो उन सबों ने ललकारते हुए साधू पर फायर झोंक दिया कि ससुराल में आकर नेता बनता है। गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़े और उसके बाद आरोपियों में उनपर लाठियों से ताबड़तोड़ प्रहार किया।
साधू के साथ पीछे - पीछे हाथ में टार्च लिए चल रहे साले और अन्य पर भी आरोपियों ने धावा बोला तो ये सब जान बचाने को मौके से भागे। बाद में जब आरोपी मौके से चले गए तो इन सबों ने पहुंचकर देखा कि साधू मर चुके हैं। फिर 19 सितंबर 1998 को सेहरामऊ दक्षिणी थाना में एफआईआर दर्ज हुई। पुलिस ने तब ग्राम कैलहा में रहने वाले राजेंद्र, छविनाथ, जयजयराम और लालाराम को गिरफ्तार किया एवं उन सबों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। सरकारी वकील वंशीलाल की ओर से कोर्ट में पेश किए गए गवाहों के बयानों के आधार पर कोर्ट ने रामचंद्र और गुइया को भी तलब किया और उन्हें भी आरोपी मानते हुए उनका नाम भी इस मुकदमे में शामिल किया गया। फिर छहों के खिलाफ कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई थी।
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