मंगलवार रात करीब 11 बजे के बाद निजी बसों के संचालकों के दो गुटों में जबरन अपनी-अपनी बस में सवारियों को बैठाने को लेकर शुरू हुई कहासुनी अचानक मारपीट में तब्दील हो गई। दोनों पक्ष ने असलहे तान दिए। स्थानीय लोगों से सूचना पाकर सदर बाजार थाना की पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची तो फायरिंग होने लगी थी। पुलिस ने ललकारा तो बवालियों ने पुलिस टीम पर ही धावा बोल दिया। फिर पुलिस ने बवालियों को दबोचना शुरू किया तो दो भाग निकले। मौके से छह लोग गिरफ्तार कर लिए गए और बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किए जाने सभी छह को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
सदर बाजार थाना के दारोगा आसिफ अली की ओर से घटना के संबंध में आठ लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई। सभी के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148स 307, 323, 332स 353, 504, 506 और 427 के केस दर्ज हुआ है। मिली जानकारी के मुताबिक, लखीमपुर खीरी के पलिया से दिल्ली को जाने वाली बसें शाहजहांपुर रोडवेज बस अड्डे पर रात को थोड़ी देर के लिए पड़ाव डालकर निगोही-पीलीभीत मार्ग से रवाना होती हैं। उनमें अक्सर आए दिन सवारियों को जबरन अपनी-अपनी बसों में बैठाने को बस संचालकों, ड्राइवरों और कंडक्टरों के बीच झगड़ा होता रहता है। बीती रात पलिया से आई हरप्रीत सिंह की बस से सवारियों के उतरने और चढ़ने के दौरान दूसरे पक्ष के लोग जबरन बस में चढ़ गए और अपने बस में यात्रियों को बैठाने के लिए दबाव बनाया। उसी क्रम में झगड़े की शुरूआत हुई।
सदर बाजार थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर केके वर्मा ने बताया कि निगोही के रामनगर निवासी गोल्डी उर्फ वीरेंद्र पाल सिंह और निगोही के ही मोहल्ला खेड़ा निवासी जयंत कुमार के अलावा पुलिस पार्टी पर हमला बोलने एवं फायरिंग करने वालों में शाहजहांपुर रोडवेज बस अड्डे के पास ही रहने वाले आलोक यादव, मिंटू यादव और धर्मेंद्र को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। आलोक यादव के दो बेटे निशांत यादव और विक्रांत यादव फरार हैं। दोनों की तलाश में टीमें निकली हुई हैं। बस अड्डे पर रात में चौकसी के लिए अतिरिक्त मोबाइल गश्त टीम तैनात कर दी गई है।