सगे फुफेरे भाई से मोहब्बत करने और उससे निकाह के जिद पर अड़ी 18 वर्षीय फूलजहां का गत सोमवार को भरी दोपहरी में सबके सामने सिर कलम करने वाला भाई गुल हसन बृहस्पतिवार की सुबह पुलिस की पकड़ में आ गया। उसे कटरा के एक फार्म हाउस से टीम ने उठाया और परौर लेकर आई। उसके बताए स्थान पर रामगंगा नदी में गोताखोर उतारे गए, लेकिन इसके द्वारा घटना वाले दिन तीसरे पहर फेंका गया बहन का कटा हुआ सिर नहीं मिला। शाम को उसे यहां जुआखेड़ा मोड़ के पास पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। थाने में उससे पूछताछ जारी है।
हालांकि उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। शुरूआती पूछताछ में पुलिस को दिए बयान में उसने कहा कि उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। घटना के बाद वह रामगंगा नदी परौर कस्बा के पास से ही नाव से पार करके कटरी में चला गया। वहां से गढ़िया रंगीन, फरीदपुर, शाहजहांपुर के हथौड़ा चौराहा और आखिर में तिलहर के पास स्थित कटरा इलाके में अपनी ससुराल पहुंचा। सभी रिश्तेदारों के यहां पुलिस टीमों के लगातार पहुंचने से वह उकता गया और कोर्ट में हाजिर होने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही सूचना पाकर पुलिस ने उसे कटरा से बृहस्पतिवार को उठा लिया। उसकी निशानदेही पर परौर थाना प्रभारी राजेश कुमार और अन्य पुलिसकर्मी परौर कस्बे के पूर्वी छोर पर स्थित रामगंगा के कटान वाले किनारे पहुंचे, जहां हैंडपंप के पास के उसने कटा हुआ सिर फेंके जाने की पुष्टि की थी, वहां स्थानीय गोताखोर उतारे गए।
सूचना पाकर मौके पर आसपास से बड़ी संख्या में लोग जुटे। सीओ आदेश त्यागी ने बताया कि शाम तक गोताखोरों ने कई राउंड प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। अब शुक्रवार की सुबह फिर से गोताखोर उतारे जाएंगे। शुक्रवार को ही गुल हसन को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस हत्याकांड में शामिल गुल हसन का छोटा भाई गुल मोहम्मद उर्फ नन्हूं गत मंगलवार को ही गिरफ्तार कर लिया गया था। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया है।