कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बिजलीपुरा में 29 मई को मामूली बात को लेकर दो पक्ष पक्षों बीच हुए विवाद में एक पक्ष की तरफ की गई फायरिंग में घायल टेंट व्यवसायी 50 वर्षीय शिवराज सिंह राठौर उर्फ गुट्टू ने सोमवार की सुबह बरेली के निजी मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया। टेंट व्यवसायी की मौत की खबर के बाद पुलिस-प्रशासन सचेत हो गया। मोहल्ले में पुलिस बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया। देर शाम पुलिस सुरक्षा में टेंट व्यवसायी का शव घर पहुंचा। शव देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बुधवार की सुबह गर्रा नदी मोक्षधाम पर पुलिस सुरक्षा में टेंट व्यवसायी के शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। पुलिस ने टेंट व्यवसायी पर हमला करने वाले दो युवकों को पहले ही जेल भेज दिया है, जबकि एक युवक फरार है। उसकी गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों में रोष है।
मोहल्ला बिजलीपुरा में रहने वाले टेंट व्यवसायी शिवराज सिंह राठौर उर्फ गट्टू का बेटा पवन 29 मई की सुबह मिशन फील्ड से क्रिकेट खेलकर घर लौट रहा था, तभी मोहल्ला बाबूजई में जावेद की चक्की के पास मुन्ना ने उसे बुला लिया और गाली-गलौज करने लगे थे। विरोध करने पर मुन्ना और उसके भाई शकील और शानू ने पवन की लात-घूसों से पिटाई कर दी थी। किसी तरह से हमलावरों के हाथों से छूटे पवन ने घर पहुंचकर पिता शिवराज को घटना की जानकारी दी थी। इस पर शिवराज, अमर सिंह राठौर, युवराज सिंह, राम सिंह राठौर पवन को लेकर मुन्ना के घर शिकायत करने पहुंचे थे। मुन्ना पक्ष ने लोगों ने इनके ऊपर पथराव और फायरिंग कर दी। जिसमें एक गोली शिवराज सिंह के पेट में लगी थी। शिवराज सिंह के गोली लगते ही मोहल्ले का माहौल खराब हो गया। दोनों पक्षों की तरफ से भीड़ इकट्ठी होने लगी थी। हालात बिगड़ने की सूचना पर एसपी बबलू कुमार समेत पुलिस प्रशासन के अन्य अधिकारियों ने मोर्चा संभाला था। मामले की गंभीरता को देखते हुुए मोहल्ले में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। मुन्ना, शकील और शानू के खिलाफ जानलेवा हमले की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने मुन्ना और शानू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि तीसरा आरोपी शकील अभी भी पुलिस गिरफ्त के बाहर हैं।
टेंट व्यवसायी की मौत के बाद पुलिस मुश्तैद
टेंट व्यवसायी शिवराज की मौत की खबर सुबह होते ही आग की तरह शहर में फैल गई। उनके घर लोगों का तांता लगने लगा। खबर मिलते ही एसपी बबलू कुमार ने टेंट व्यवसायी के घर के आसपास पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। पुलिस को खुफिया तंत्र से सूचना मिली कि टेंट व्यवसायी पक्ष के लोगों उनक शव सड़क पर रखकर जाम कर सकते हैं। बरेली में पोस्टमार्टम होने बाद जैसे ही शिवराज का शव वहां से निकला। पुलिस अधिकारियों ने बरेली मोड़ से लेकर केरूगंज और टेंट व्यवसायी के घर तक पुलिस फोर्स तैनात कर दिया। बरेली मोड़ से की कोतवाली पुलिस शव को पुलिस सुरक्षा में लेकर टेंट व्यवयासी के घर तक पहुंची। शहर सर्किल के सभी थानों और पीएसी को भी बिजलीपुरा मोहल्ले में लगा दिया गया है।
पुलिस सुरक्षा में होगा अंतिम संस्कार
शाम को सूर्य अस्त होने बाद करीब सात बजे शिवराज का शव उनके घर पहुंचा। शव पहुंचते ही उनके घर में लोगों का तांता लग गया। महिलाओं और बच्चों की चित्कार से मोहल्ले का सन्नाटा टूट गया।
घर में मचा कोहराम
टेंट व्यवसायी की पत्नी बेबी पति की मौत से बेसुध हो गर्इं हैं। उनकी 18 वर्षीय बेटी अंकिता, 16 वर्षीय पवन, 14 वर्षीय वंशिका और आठ वर्षीय गुनगुन का रो-रोककर बुरा हाल है। मृतक के छोटे भाई जगेंद्र और राजेश भाई के मौत के सदमे में गुमशुम हो गए हैं।