थाना कांट क्षेत्र के गांव महमदपुर अजमाबाद में बुधवार की रात एक तिलक में हुई फायरिंग में 60 वर्षीय वेदराम के गोली लग गई। घायल के परिवार वालों ने पुलिस को गुमराह कर बदमाशों की गोली से घायल होने की बात कहीं। पुलिस जांच में हर्ष फायरिंग में गोली लगने की बात सामने आई है।
गांव महमदपुर अजमाबाद निवासी सियाराम के बेटे राजपाल का बुधवार की रात तिलक समारोह कार्यक्रम चल रहा था। गांव के वेदराम अपने परिवार के साथ सियराम के घर पहुंचे। तिलक समारोह के दौरान वेदराम के बेटे जसवीर ने तमंचे से एक फायर किया। इसके बाद वह दूसरा फायर करने के लिए तमंचा लोड करने लगा, तभी अचानक फायर हो गया। गोली वेदराम की दाहिने हाथ को छूते हुए पेट में घुस गई। अचानक हुई घटना से अफरा-तफरी मच गई। घायल वेदराम को कांट पीएचसी लाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक वेदराम के पेट में गोली है, उसको ऑपरेशन से निकला जाएगा।
पुलिस से बचने के लिए किया गुमराह
वेदराम के गोली लगने के बाद परिवार के लोगों ने पुलिस से बचने नई कहानी गढ़ ली। वेदराम ने पुलिस को बताया कि खेत पर भूसे की रखवाली करते समय उसके बदमाशों ने गोली मार दी। वेदराम के मुताबिक वह बदमाशों को देख नही पाया। मामला अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद इंस्पेक्टर कांट नगदू यादव मामले की जांच की तो पता चला कि हर्ष फायरिंग में अपने बेटे जसवीर की गोली से वेदराम घायल हुए हैं। नगदू यादव ने बताया कि वेदराम के बेटे के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।