बुआ के निधन पर अखंड पाठ के भोग में भाग लेने गए गांव कुरैया खानपुर निवासी 35 वर्षीय हरजीत सिंह की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मंगलवार दोपहर बाद एक वाहन चालक उसका शव लेकर घर आया तो परिवार के लोगों ने चालक को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। मृतक के परिवार के लोग रिश्तेदारों पर पुरानी रंजिश के चलते हत्या का आरोप लगा रहे हैं।
कुरैया खानपुर के बलविंदर सिंह की बहन जसवीर कौर पंजाब के जनपद लुधियाना के सानेवाल में रहती है। कुछ दिन पूर्व उनका निधन हो गया था। 25 जनवरी को पंजाब में अखंड पाठ साहिब का भोग पड़ना था। भोग में शामिल होने के लिए उनकी पत्नी हरभजन कौर और पुत्र हरजीत सिंह 23 जनवरी को पंजाब गए थे। 25 जनवरी की शाम हरभजन कौर वापस घर आने के लिए ट्रेन पर सवार हो र्गइं, जबकि हरजीत अपने दूसरे फूफा जालंधर के थाना सहमगुलिया के गांव नंदपुरा निवासी परमजीत सिंह के घर चला गया।
परिवार के लोगों के अनुसार 27 जनवरी की सुबह हरजीत सिंह ने परिवार के लोगों को फोन कर कहा कि वह घर के लिए रवाना हो चुका है। उसने आशंका जताई कि साथ आ रहे फूफा और अन्य रिश्तेदार उसे मार देना चाहते हैं। उसने परिवार वालों को पुवायां आकर बचाने को कहा। पिता बलविंदर सिंह कई लोगों के साथ पुवायां पहुंचे तो लखपेड़ा बाग के पास कार खड़ी दिखाई दी। कार के पास ही रिश्ते के दामाद पुवायां के गांव जुझारपुर निवासी गुरमीत सिंह, परमजीत सिंह और खुटार के गांव चमराबोझी निवासी रिश्ते का भाई गुरमेल सिंह खड़ा दिखाई दिया। उन लोगों के रुकने पर गुरमेल सिंह मौके से भाग निकला। कार में पुत्र का शव पड़ा था।
वह लोग कार को घर के पास ले लाए और पुलिस को जानकारी दी। सूचना पर एसओ राजेश सिंह मौके पर पहुंचे और शव को कार सहित कब्जे में ले लिया। कार चालक लुधियाना के थाना कुंभकलां के गांव दनकण निवासी प्रदीप कुमार, परमजीत सिंह और गुरमीत को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
उधर, चालक का कहना है कि बरेली में शराब पीने के बाद हरजीत की हालत बिगड़ गई और पुवायां के पास उसकी मौत हो गई, जबकि मृतक का पिता अपने बहनोई आदि पर पुरानी रंजिश के चलते हत्या का आरोप लगा रहा है।
एसओ राजेश सिंह का कहना है कि यदि हत्या की गई होती तो कोई शव लेकर क्यों घूमता। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मृतक अपने पीछे पत्नी रंजीत कौर, पुत्री पवनदीप कौर, पुत्र चरनजीत सिंह को छोड़ गया है।