दिल्ली से सवारियां लेकर यहां लौट रही रोडवेज के स्थानीय डिपो की बस शनिवार देर रात नेशनल हाईवे पर हापुड़ के पास डिवाइडर तोड़ते हुए पलट गई। हादसे में बस के संविदा चालक और मीरानपुर कटरा के रहने वाले एक यात्री की मौत हो गई, जबकि दंपति समेत पांच यात्री गंभीर जख्मी हो गए। जानकारी पाकर एआरएम के निर्देश पर डिपो के सहायक यातायात निरीक्षक शमीम अख्तर मौके पर पहुंचे और घायल यात्रियों का अस्पताल जाकर हालचाल जाना। उधर, हादसे के बाद एनएच-24 पर करीब चार घंटे तक जाम लगा रहा।
शाहजहांपुर डिपो की बस (यूपी 27 टी-1412) दिल्ली रूट पर चलती है। शनिवार की सुबह यात्रियों से भरी बस लेकर हरदोई जिले के कस्बा शाहाबाद निवासी चालक 28 वर्षीय मो. यूसुफ और परिचालक सुनील कुशवाहा दिल्ली रवाना हुए। वहां अंतर्राज्यीय बस स्टेशन पर परिचालक ने वे बिल की इंट्री कराई और देर शाम चालक मो. यूसुफ बस लेकर वहां से वापस चल पड़े। गाजियाबाद में कुछ सवारियां उतारने-चढ़ाने के बाद बस अपनी मंजिल पर रवाना हो गई।
टैंकर की टक्कर लगने से हुआ हादसा
दुर्घटना स्थल पर पहुंचे एटीआई शमीम अख्तर ने बताया कि रात करीब 12.10 बजे बस करीब 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हापुड़ से गढ़ मुक्तेश्वर की ओर बढ़ रही थी। उस वक्त बस में दो विकलांगों समेत 32 यात्री सवार थे। अचानक पीछे से आए एक टैंकर (यूपी 21 एल-2790) के चालक ने ओवरटेक करने की कोशिश में बस के पीछे टक्कर मार दी।
एटीआई अख्तर के अनुसार टक्कर लगने से तेज रफ्तार बस का संतुलन बिगड़ गया और वह डिवाइडर तोड़ते हुए हाईवे के किनारे पलट गई। इस दुर्घटना में बस चालक समेत मीरानपुर कटरा कस्बे के मोहल्ला कायस्थान निवासी 47 वर्षीय लालाराम की मौके पर ही मौत हो गई और दंपति समेत पांच अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हाईवे पर पेट्रोलिंग करने वाली हापुड़ पुलिस ने घायल यात्रियों को सीएचसी और देवनंदनी अस्पताल में भर्ती कराया।
कैश, टिकट मशीन समेत
परिचालक का बैग गुम
दुर्घटना में बस पलटने के दौरान परिचालक सुनील को भी चोटें आईं और वह सीट से नीचे लुढ़ककर बेहोश हो गए। इस बीच, मामूली रूप से चुटैल कोई यात्री कंडक्टर का बैग लेकर भाग गया। जब कंडक्टर को होश आया तो उसे सरकारी बैग गायब मिला। बैग में टिकट मशीन, यात्रियों से किराए के तौर पर लिए गए 17 हजार 500 रुपये, वे बिल आदि महत्वपूर्ण कागजात थे।
ये रहे गंभीर रूप घायल
हादसे में हरदोई जिले के बिलग्राम थानान्तर्गत गांव नूरपुर हथौड़ा निवासी पिंटू पुत्र राजेंद्र सिंह, बरेली जिले के नवाबगंज थानांतर्गत गांव रिठौरा निवासी रंजीत सिंह पुत्र टोनी मास्टर, रामपुर शहर के रहने वाले महफूज खां और मीरानपुर कटरा निवासी मटरू लाल व उनकी पत्नी नन्हीं देवी को पुलिस ने गंभीर हालत में हापुड़ अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन वहां से रविवार तड़के रंजीत सिंह अपने गंतव्य को चले गए।
चालक के आश्रितों को
मिलेंगे पांच लाख रुपये
दुर्घटना की जानकारी मिलते ही वेतन पटल प्रभारी एवं रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के वरिष्ठ नेता ओमकार सक्सेना ने क्षेत्रीय लेखाधिकारी राकेश कुमार से संपर्क साधा और हादसे का शिकार बने संविदा चालक मो. यूसुफ के आश्रितों को आर्थिक सहायता दिलाने का अनुरोध किया। कर्मचारी नेता सक्सेना के अनुसार संविदा चालकों केे वेतन से 216 रुपये प्रति वर्ष बीमा प्रीमियम की कटौती होती है। उन्होंने बताया कि मृतक के आश्रितों को पांच लाख रुपये बीमा रकम दिलाने के लिए क्षेत्रीय लेखाकार ने फाइल बनाकर भेजने के निर्देश दिए हैं।
घायलों को निगम देगा 20-20 हजार की मदद
रोडवेज ने हादसे में दो गंभीर घायलों को तत्काल 20-20 हजार रुपये की मदद हापुड़ के एसडीएम की ओर से दिला दी है, जबकि मृतक की शिनाख्त होने पर उसके परिवार को 50 हजार रुपये देने की घोषणा निगम की ओर से की गई है। हापुड़ डिपो के एआरएम धीरज सिंह पंवार ने बताया कि घायलों को मदद मुहैया करा दी गई है।
कर्मचारियों ने मौन रखकर जताया शोक
हादसे की खबर मिलते ही रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के शाखा अध्यक्ष राजेश पांडेय ने आपात बैठक बुलाई जिसमें सभी ने दुर्घटना में मारे गए संविदा चालक और यात्री को मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। साथ ही घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। शोक सभा में स्टेशन प्रबंधक नागेश गुप्ता, ओमकार सक्सेना, नीता श्रीवास्तव, कृपाल सिंह, देशपाल सिंह, गौरव सिंह, उमेश पांडेय आदि शामिल रहे।