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कई दिनों से सदमे में थे राजकुमार और राकेश

Fri, 17 Apr 2015 11:55 PM IST
पुवायां (शाहजहांपुर)
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आर्थिक तंगी से जूझ रहे बड़ागांव के 40 वर्षीय किसान राजकुमार श्रीवास्तव को अपनी ढाई बीघा गेहूं की फसल के काफी उम्मीदें थीं, लेकिन जब फसल बारिश में खराब हो गई तो वह सदमे में आ गए, जिसके चलते बृहस्पतिवार रात उनकी मौत हो गई। मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है। उनके बच्चे भी अभी इस लायक नहीं हैं कि घर संभाल सकें। इसके अलावा जैतीपुर में भी बर्बाद फसल का सदमा राकेश यादव सहन नहीं कर सके और उनकी भी शुक्रवार को सदमे में मौत हो गई।
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पत्नी सुनीता देवी ने बताया कि कुछ साल पहले राजकुमार का हार्निया का आपरेशन हुआ था। आपरेशन के बाद से वह अक्सर बीमार रहने लगे थे। बाल कटिंग की दुकान पर भी बीमारी के कारण ज्यादा समय नहीं दे पाते थे, जिस कारण आय बेहद कम थी और परिवार की गुजर मुश्किल से हो पाती थी। इसे लेकर वह काफी परेशान रहते थे। उनके पास सिर्फ ढाई बीघा जमीन है। इससे साल भर के लिए अनाज मिल जाता था। इस बार बारिश में खेत में खड़ी गेहूं की फसल चौपट हो गई। इससे राजकुमार और ज्यादा परेशान लगे।
 जवान होती बेटी की शादी की चिंता के अलावा गेहूं खरीदने के लिए रुपये की व्यवस्था नहीं होने से वह बहुत दुखी थे। बृहस्पतिवार रात फसल खराब होने के गम में उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। थोड़ी देर बाद ही उनकी सांसें थम गईं। सूचना पाकर राजस्वकर्मियों ने राजकुमार के घर जाकर मामले की जानकारी ली और उनकी पत्नी को आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
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जैतीपुर। क्षेत्र के गांव गोरा निवासी 45 वर्षीय राकेश यादव के पास चार बीघा जमीन थी। उन्होंने दो क्विंटल प्रति बीघा के हिसाब से पटके पर जमीन लेकर 50 बीघा गेहूं की फसल जेवर गिरवी रखकर बोई थी। उम्मीद थी कि फसल अच्छी होगी तो बच्चों की शादी और कर्ज आदि निपट जाएगा। बीते दिनों हुई बरसात ने राकेश के अरमानों पर पानी फेर दिया। खेत वालों ने कहा कि कहीं से भी लाकर दो हमें गेहूं दो। इससे राकेश को सदमा लगा। वह गुमसुम रहने लगे। शुक्रवार दोपहर उनकी सांसें थम गईं। राकेश की मौत से पत्नी रामप्यारी का बुरा हाल है। राकेश के छह बच्चे हैं, जिनमें 20 वर्षीय पुत्र गिरीश, 18 वर्षीय अवनीश, 12 वर्षीय पुत्र सुखदेव, आठ वर्षीय सूरज और छह वर्षीय पुत्री मनीशा तथा छह माह की रिंकी है। अभी किसी भी बच्चे की शादी नहीं हुई है। पत्नी रामप्यारी बच्चों की परवरिश को लेकर परेशान हैं।


नहीं पूरी हो सकी बेटी के हाथ पीले करने की तमन्ना
पुवायां। राजकुमार अपनी एक पुत्री पिंकी की शादी कर चुके थे। 16 वर्षीय रिंकी के लिए वह वर की तलाश में थे। गरीबी के कारण वह लोगों से ऐसा लड़का तलाश कर बताने को कहते थे, जहां दहेज आदि की मांग न हो। राजकुमार की मौत से पुत्री के हाथ पीले करने का उनका सपना पूरा नहीं हो सका। अब पत्नी सुनीता पर रिंकी की शादी के अलावा 14 वर्षीय पुत्र शिवम्, नौ वर्षीय रवि और 11 वर्षीय पुत्री काजल के पालन पोषण का जिम्मा भी आ पड़ा है।
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