क्षेत्र के गांव हरिउरा में शुक्रवार दोपहर दलित बस्ती में लगी आग में 11 लोगों के घर और उनमें रखा सारा सामान जल गया। पूर्व राज्यमंत्री अवधेश वर्मा ने गांव पहुंचकर पीड़ितों की आर्थिक सहायता की। साथ ही प्रशासन से मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
गांव हरिउरा में दोपहर अचानक मकरंद की झोपड़ी में आग लग गई। देखते-देखते गांव आसपास की झोपड़ियों को भी आग ने अपनी चपेट में ले लिया। लोगों ने अपने-अपने घरों से भागकर जान बचाई। ग्रामीणों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया गया। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू किया। आग में मकरंद, कटारिया, वीरपाल, प्रमोद, राजीव, अमित, विवेक, कल्याण, रामसहाय, जगपाल, धीरपाल, संतोष और विधवा शारदा की झोपड़ी जलकर राख हो गई। आग की चपेट में आकर सभी का घरेलू सामान, बर्तन, अनाज, कपड़े जल गए। पीड़ितों के तन पर कपड़े के अलावा कुछ नहीं बचा। पूर्व राज्यमंत्री अवधेश वर्मा ने गांव पहुंचकर अग्निकांड पीड़ितों की आर्थिक सहायता की और उन्हें प्रशासन से मदद दिलाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने एसडीएम से भी पीड़ितों को मदद दिलाने के लिए बातचीत की।
विकलांग की झोपड़ी में आग लगाने का आरोप
खेड़ा बझेड़ा। जैतीपुर थाना क्षेत्र के गांव महमूदापुर की प्रीति देवी ने थाने में दी तहरीर में बताया कि वह घर में लगे हैंडपंप से पानी भर रही थीं। इसी बीच उनकी दीवार का कोना अचानक गिर गया। बाहर निकल कर देखा तो वहां गांव का ही व्यक्ति खड़ा था। उससे दीवार गिरने के बारे में पूछा, तो वह नाराज होने लगा। विवाद बढ़ने पर उसने अपनी पत्नी के साथ घर में घुसकर प्रीति की पिटाई कर दी। इससे वह घायल हो गई। बाद में इन लोगों ने प्रीति की झोपड़ी में आग लगा दी, जिसमें वहां रखा भूसा जल गया। प्रीति ने बताया कि उनके पति दोनों पैरों से विकलांग हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।