नगर के प्रख्यात बालाजी धाम पर लूट तथा सेवादार की हत्या हुए एक सप्ताह बीत गया। मगर अभी तक घटना के संबंध में पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा है। शनिवार को पुलिस ने मंदिर के पास की बस्ती में रहने वाले गिहार जाति के कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उधर, क्राइम ब्रांच तथा सर्विलांस टीम को भी इस मामले में अभी तक कोई खास सफलता नहीं मिली है। घटना के दिन मौके पर पहुंची पुलिस को मृतक का फटा हुआ तकिया मिला था। इससे पुलिस सेवादार की हत्या लूट के बजाय किसी अन्य कारण से होने को ध्यान में रखकर तफ्तीश करने में जुटी थी, लेकिन इसमें कोई सफलता नहीं मिली। अब पुलिस की तफ्तीश हत्या के साथ लूट की ओर केंद्रित हो गई है। आशंका है कि घटना के दौरान सेवादार ने किसी बदमाश को पहचान लिया होगा, जिससे उसकी हत्या कर दी गई। इसी के चलते पुलिस ने शुक्रवार रात मंदिर की बस्ती के पास रहने वाले गिहार जाति के आधा दर्जन से ज्यादा संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की। उधर, पुलिस के सर्विलांस के सहारे भी घटना का खुलासा करने के प्रयास जारी हैं तथा क्राइम ब्रांच से भी मदद ली जा रही है।
यह है मामला
तीन अप्रैल की रात बालाजी धाम पर बदमाशों ने धावा बोलकर जमकर लूटपाट की और वहां सो रहे सेवादार गंगाप्रसाद के सिर पर धारदार हथियार से प्रहार कर उनकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में बालाजी धाम के पुजारी शिवराम द्विवेदी की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट तथा हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।