अपहृत बेटी पूजा की बरामदगी की मांग को लेकर दुधमुंहे बच्चों के साथ करीब तीन साल से कलक्ट्रेट में सत्याग्रह पर डटी बिजलीपुरा के रिक्शा चालक अशोक भोजवाल की पत्नी आशा को एक बाबा और उसके साथ आए लोगों ने घर छोड़कर अन्यत्र नहीं जाने पर घर जला देने की धमकी दी। इस मामले में सिटी मजिस्ट्रेट और एसपी से कार्रवाई की गुहार की गई है।
भोजवाल दंपति की बेटी पूजा को नवंबर 2011 में मोहल्ले के ही कुछ युवकों ने अपहृत कर लिया था। इस मामले में पुलिस तब चेती जब भोजवाल दंपति ने आठ जनवरी 2012 से कलक्ट्रेट के धरना स्थल पर सपरिवार डेरा डाला। पुलिस ने दर्ज रिपोर्ट के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। यही नहीं, विवेचना से प्रकाश में आए दो अन्य युवकों को भी जेल भेजा गया, लेकिन पूजा का अभी तक सुराग नहीं लग सका।
इस बीच, सत्याग्रही दंपति को कलक्ट्रेट से बलपूर्वक भगाने के प्रशासन ने कई प्रयास किए, लेकिन बेटी की खातिर आशा ने सत्याग्रह नहीं छोड़ा। इसी बीच, दंपति के बिजलीपुरा में रेलवे लाइन के किनारे बने फूस के घर पर क्षेत्र के ही कुछ लोगों की नीयत खराब हो गई। सिटी मजिस्ट्रेट नरेंद्र सिंह को आशा ने बताया कि बाबा और उसके साथी बीते रविवार की रात उसके घर पर आए और कब्जा करने के लिए भगाने की कोशिश की।
आशा के अनुसार ऐसा करने से मना करने पर आरोपियों ने गालियां बकते हुए घर जलाने की धमकी दी। सिटी मजिस्ट्रेट के सुझाव पर पुलिस से सहायता पाने को आशा नजदीकी पुलिस चौकी पहुंचीं, लेकिन वहां कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर दंपति ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर धमकाने वालों पर रिपोर्ट दर्ज कराकर कानूनी कार्रवाई करने की गुहार की।