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फर्जी आंकड़ों के मकड़जाल से निकली समधाना पंचायत

Tue, 13 Jan 2015 11:51 PM IST
तिलहर।
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आंकड़ों की बाजीगरी और फर्जी जनसंख्या दर्शाकर मात्र 477 की आबादी वाले गांव परसेली को ग्राम पंचायत का दर्जा देने की पुरजोर वकालत को शासन ने खारिज कर दिया है। समधाना की करीब चार सौ आबादी को जबरन परसेली मझरा में दर्शाकर उसे ग्राम पंचायत का दर्जा दिलाने की कोशिश चल रही थी। अब वही आबादी समधाना की ही मान ली गई है। इससे समधाना को जीवनदान और विकास के और अधिक अवसर मिलने की संभावना है।
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ग्राम पंचायत समधाना की कुल आबादी 2001 की जनगणना के अनुसार लगभग 15 सौ थी, जबकि सरकारी मुलाजिमों ने राजनीतिक आकाओं के हस्तक्षेप के चलते अभिलेखों में महज 11 सौ दर्ज कर दी थी। समधाना के दो वार्डों की करीब चार सौ जनसंख्या निकटवर्ती ग्राम पंचायत मोहनपुर परसेला के मझरा परसेली में दिखा दी थी। इसका असर यह हुआ कि जनसंख्या के आधार पर समधाना ग्राम पंचायत को बजट कम मिलना शुरू हो गया, वहीं वह धन ग्राम पंचायत मोहनपुर परसेला में जाने लगा।
वर्ष 2011 में पुन: हुई जनगणना के दौरान कई बार इसकी शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। अमर उजाला की चौपाल कार्यक्रम में तत्कालीन एसडीएम बीडी वर्मा को प्रधान द्वारा शिकायती पत्र देने पर उन्होंने शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया, लेकिन पुन: ग्राम पंचायत के दो वार्ड 630 व 631 को मोहनपुर परसेला पंचायत के मझरा परसेली में शामिल कर ग्राम पंचायत समधाना की 1352 जनसंख्या को दूसरी ग्राम पंचायत में अंकित कर दिया गया जबकि ग्राम पंचायत मोहनपुर परसेला की प्रधान रामवती व समधाना की प्रधान पुष्पा देवी इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए 1352 आबादी को समधाना पंचायत में ही दर्ज करने का अनुरोध किया था।
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इस तरह प्रस्ताव हुआ खारिज
परसेली के कुछ ग्रामीणों ने ग्राम पंचायतों के चल रहे परिसीमन के दौरान डीपीआरओ को प्रार्थना पत्र देकर परसेली को ग्राम पंचायत का दर्जा देने की मांग की थी। वास्तव में परसेली की आबादी 477, मोहनपुर परसेला की 517 तथा अहियापुर की 617 है। इसलिए नई ग्राम पंचायत का दावा ही नहीं बनता। ग्राम पंचायत समधाना की प्रधान पुष्पा देवी ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर जनगणना अभिलेखों में संशोधन की मांग की थी। ताकि ग्राम पंचायत को विकास के लिए अधिक बजट मिल सके।
सूत्रों के अनुसार पहले तिलहर विकास खंड में 11 पंचायतों को स्वीकृति दी गई थी, लेकिन बाद में परसेली पंचायत पर आपत्ति के बाद शासन ने पुनर्विचार कर परसेली को पंचायत का दर्जा देने से इन्कार कर दिया है। जल्द ही इस संबंध में सरकारी आदेश जारी हो जाएगा। इससे ग्राम पंचायत समधाना को विकास के अधिक अवसर मिल सकेंगे।
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