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आरपीएफ-पुलिस के साथ मुठभेड़ में चार बदमाश धरे

Fri, 13 Nov 2015 10:33 PM IST
रोजा।
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रेलवे से बैटरी और उसकी अन्य संपत्तियों की चोरी करने वाले गैंग के चार सदस्यों को पुलिस और आरपीएफ ने संयुक्त मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए चोरों के पास से रेलवे के कोच में लगने वाले दो बैटरे, रेलवे लाइन के दो टुकड़े, दो तमंचे और कई कारतूसों को बरामद किए गए हैं। पकड़े गए आरोपी मोनू गैंग के सदस्य बताए जाते हैं।
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पिछले कई महीनों से चोरों ने रेलवे की संपत्ति को निशाना बनाना शुरू कर दिया था। इसके तहत रेलवे कोचो से बैटरे, पैंडोल के अलावा वायर और खाद्यान्नों को प्रमुखता से निशाना बनाते थे। इसको लेकर आरपीएफ  और स्थानीय पुलिस की नींद उड़ी हुई थी।
शुक्रवार की सुबह रोजा कस्बे के प्रभारी हरिनाथ सिंह को सूचना मिली कि कुछ चोर कोयला कॉलोनी के पास बने खंडहर में एकत्रित होकर किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में है। इसी को आधार बनाकर रोजा पुलिस ने आरपीएफ प्रभारी एसपी सिंह को बताकर संयुक्त आपरेशन की योजना बनाई।
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दोपहर करीब दो बजे लोको शेड के पास बने खंडहर की घेराबंदी शुरू की गई तो बदमाशों ने आहट पाकर फायरिंग कर दी, लेकिन आरपीएफ और पुलिस के जवानों ने चारो तरफ से घेराबंदी कर जवाबी कार्रवाई करते हुए बदमाशों को पकड़ लिया। पकड़े गए बदमाशों ने पुलिस को अपना नाम गोपाल सिंह निवासी स्टेशन कॉलोनी थाना रोजा, मोनू कुम्हार निवासी मठिया कॉलोनी थाना रोजा, मोनू जाटव निवासी रोजा अड्डा थाना रोजा और आदेश सिंह निवासी प्रेमनगर कॉलोनी थाना रोजा बताया है।
पुलिस ने बताया कि पकड़े के बदमाशों के पास से रेलवे के दो बैटरे, रेलवे लाइन के दो टुकड़े, दो तमंचे और कई कारतूस बरामद किए गए। सभी आरोपी मोनू गैंग के सदस्य बताए गए। इस गैंग के करीब दर्जन भर सदस्य और हैं जो पुलिस पकड़ से बाहर बताए जा रहे हैं।


संयुक्त आपरेशन में शामिल थे ये जवान
रेलवे चोरों के खिलाफ संयुक्त आपरेशन में आरपीएफ के प्रभारी निरीक्षक एसपी सिंह, एएसआई नौबहार सिंह, प्रधान आरक्षी विजय कुमार, सिपाही बिजेंद्र चौधरी के अलावा रोजा पुलिस के एसआई हरिनाथ सिंह यादव, एसआई अमरसेन, एसआई राजपाल सिंह, सिपाही कमर अहमद और मनोज कुमार शामिल थे।

पिछले कई दिनों से चोरो के गैंग रेलवे संपत्ति को निशाना बना रहे थे। आरपीएफ और रोजा पुलिस के संयुक्त आपरेशन में मुठभेड़ के बाद चार बदमाश पकड़े गए है। इनके कई अन्य चोरियों में संलिप्तता उजागर हुई है। कई धाराओं में मामला पंजीकृत हो रहा है। मोनू गैंग के अन्य सदस्यों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।
- अनुराग दर्शन, सीओ सदर

आखिर कौन है थाने में खड़े टेंपो का मालिक
राजेश वाजपेयी
रोजा। शुक्रवार को आपरेशन के दौरान चार रेलवे बदमाशों को पकड़ कर आरपीएफ और स्थानीय पुलिस भले ही अपनी पीठ थपथपा रही ही हो, लेकिन असली गुनहगार को बचाने के प्रयास में खाकी को मशक्कत करते देखा गया है। इसके प्रमाण के रूप में रोजा थाने में खड़ा एक टेंपो है। जिसके बारे में चोरों ने पुलिस को बताया कि मठिया कॉलोनी के एक शातिर का यह टेंपो है। इससे बृहस्पतिवार की रात को लोको के डाउन यार्ड के पास बने पंप हाउस से दो बैटरे चोरी कर लाए गए थे। शुक्रवार को पुलिस की दबिश के बाद वह शातिर फरार हो गया और इसके चालक के साथ जाकर उसके घर से बैटरे बरामद हुए। ऐसे में पुलिस के मुठभेड़ की बात लोगों के गले नहीं उतर रहीं है और न ही मुठभेड़ में पुलिस जवानों और बदमाशों के खरोंच तक आई है। साफ तौर पर यह कहा जा सकता है कि रेलवे संपत्ति की चोरी के मामले में मठिया कालोनी का एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है, जिसके खाकी से संबंध हैं लेकिन हर बार की तरह असली गुनहगारों को खाकी साफ बचाकर अपनी वाहवाही लूटने का प्रयास करती देखी गई है। आखिर कौन है इस टेंपो का मालिक और किस अपराध में इस टेंपो को रोजा थाने में खड़ा किया गया? क्यों टेंपो मालिक और उसके गुर्गों को बचाने का खाकी प्रयास कर रही है इसका उत्तर रोजा पुलिस और आरपीएफ के पास नहीं है।
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