बेमौसम बरसात से बर्बाद हुई फसल का सदमा गांव सिमरई के किसान चंद्रपाल बर्दाश्त नहीं कर सके। शुक्रवार की दोपहर हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। चंद्रपाल पर 92 हजार रुपये का बैंक कर्ज था और 16 अप्रैल को उनके बेटे रमेश का विवाह होने वाला था।
थाना क्षेत्र के सिमरई गांव निवासी 45 वर्षीय चंद्रपाल के पास चार एकड़ जमीन है। इसमें उन्होंने गेहूं की फसल बोई थी। बेमौसम बरसात होने से चंद्रपाल की पचास फीसदी से ज्यादा फसल खराब हो गई थी। कटाई-गहाई के बाद सिर्फ 10 क्विंटल गेहूं की उपज ही उनके हाथ लगी थी। शुक्रवार की दोपहर चंद्रपाल अपने खेत से गेहूं की कटाई कर घर आए। कम उपज और 92 हजार रुपये का ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स शाखा नेवाजपुर का कर्जा तथा 16 अप्रैल को बड़े बेटे रमेश की शादी का इंतजाम आदि चौतरफा दबाव से उन्हें दिल का दौरा पड़ गया। परिवार वाले जब अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे तभी चंद्रपाल की सांसें थम गईं।
चंद्रपाल की मौत की खबर सुनते ही गांव के लोग सन्न रह गए। उनकी पत्नी ओमवती, बेटे रमेश और गोवर्धन का बुरा हाल है। बता दें कि शुक्रवार को सिमरई के ही एक गांव में प्रदेश के राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा किसानों को फसल बर्बादी का चेक वितरण कर रहे थे और सारा प्रशासनिक अमला खाद्य सचिव के साथ गुर्री गांव में था, लेकिन किसी भी अफसर ने चंद्रपाल के घर तक जाने की जहमत नहीं उठाई।