धर्मांतरण पर राष्ट्रीय स्तर पर जारी बहस के बीच क्षेत्र के नयागांव गुलड़िया में चार हिंदू परिवारों के 13-14 लोगों को ईसाई धर्म में शामिल कराने की तैयारी तेज हो गई है। धर्मांतरण का यह कार्यक्रम 24 दिसंबर को गांव में होना है। धर्म बदलने जा रहे इन चारों परिवारों से ईसाई मिशनरी से जुड़ा बरेली का एक पादरी लगातार संपर्क में है और वह कुछ दिन पहले इन परिवारों से मिल भी चुका है। उधर, धर्मांतरण की भनक लगने के बाद विहिप के एक पदाधिकारी ने गांव पहुंच कर इन परिवारों को काफी देर तक समझाया। बताते हैं कि बावजूद इसके चारों परिवार अपने फैसले पर अडिग हैं। इसके बाद हिंदू संगठनों ने कार्यक्रम को हर हाल में रोकने की ठानी है।
तहसील मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर शाहजहांपुर रोड किनारे बसे किसान बहुल इस गांव में काफी समय से यह अभियान चुपचाप चलाया जा रहा है। जिन परिवारों के हिंदू धर्म से क्रिश्चियन होने की बात कही जा रही है, वे सभी कुशवाह बिरादरी के हैं। खेतीबाड़ी उनका मुख्य कार्य है। निम्न मध्यम वर्गीय इन परिवारों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए इनमें से एक परिवार के मुखिया का बहनोई सूत्रधार बना है। यह व्यक्ति पहले ही ईसाई धर्म अपना चुका है। गांव में चर्चा है कि इस रिश्तेदार को तब मोटी रकम देने के साथ-साथ दूसरे लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी। रिश्तेदार ने जब इन चारों परिवारों से बातचीत कर ली तो बरेली से एक पादरी ने गांव पहुंचकर इन परिवारों से मुलाकात की है।
इस बीच अपने प्रयास सफल न होते देख हिंदू संगठनों ने कार्यक्रम को हर हाल में रोकने की रणनीति बना ली है। इसको लेकर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं की बैठक भी हो चुकी है।
मामला मेरी जानकारी में है। इंटेलीजेंस की मदद से सच्चाई का पता किया जा रहा है। यदि जबरन या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा होगा तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- शुभ्रा सक्सेना, डीएम