थाना क्षेत्र के एक गांव में बलात्कार के आरोपी को लेकर सारे दिन चली पंचायत के बाद सुनाए गए निकाह के फैसले ने आरोपी की मुसीबतें तो कम कर दी लेकिन थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग गया। पंचायत के फैसले के बाद लड़की को उसके ही घर और आरोपी को एक मदरसे में ले जाकर निकाह कबूल करने की रस्म को पूरा किया गया।
क्षेत्र के एक गांव की युवती मंगलवार सुबह शौच को गई थी। आरोप था कि खेत में गांव के ही एक युवक ने युवती को पकड़ लिया और शोर मचाने पर जान से मार देने की धमकी देता हुआ गन्ने के खेत में खींच ले गया और युवती से बलात्कार किया। युवती ने घर पहुंचकर परिवार के लोगों को मामले की जानकारी दी तो परिवार के लोग पीड़ित को लेकर थाने आए और पुलिस को नामजद तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। तहरीर के आधार पर पुलिस आरोपी युवक को पकड़कर थाने ले आई। इस बीच आरोपी के परिवार के लोग भी थाने पहुंचे गए और पुलिस से बात करने के बाद पीड़ित पक्ष को कार्रवाई नहीं करने के लिए मनाना शुरू कर दिया।
पीड़ित के परिवार के लोग कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे, लेकिन शाम तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद आरोपी पक्ष के लोग पीड़ित और उसके घरवालों को गांव बुला ले गए। बुधवार को गांव में बैठी पंचायत में तय हुआ कि आरोपी युवक पीड़ित से निकाह करेगा। लड़की को उसके घर में और लड़के को एक मदरसे में निकाह कबूल कराया गया, जबकि निकाह में लड़की और लड़के को आमने-सामने बैठाकर निकाह की रस्म पूरी कराई जाती है। इस संबंध में पीड़ित के परिवारवालों से बात की गई, लेकिन उन्होंने कोई बात करने से इंकार कर दिया। एसओ बिरजाराम ने बताया कि युवती से बलात्कार का मामला थाने आया था, लेकिन गांव और नगर के लोगों ने दोनों का निकाह करा दिया है। दोनों पक्षों ने कोई कार्रवाई कराने के बजाय समझौता भी कर लिया।