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रामगंगा में छठे दिन महिपाल की लाश बरामद

Sat, 28 Jan 2017 12:15 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
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क्षेत्र के गांव गोरा महुआ गांव में रविवार शाम मछलियों के शिकार को लेकर दो पक्षों में हुए संघर्ष में रामगंगा में डूबे महिपाल सिंह की लाश शुक्रवार सुबह बरामद हो गई। लाश बरामदगी के बाद मौके पर मृतक महिपाल की पत्नी आशा ने बताया कि उसके पति रामगंगा नदी किनारे खेत देखने गए थे। वहीं पर किसी बात को लेकर उसके पति और ठिगरीं गांव के नित्तू, गौरव पांडेय तथा अमित से झगड़ा हो गया था। इन लोगों ने पति की पिटाई करते हुए उन्हें नदी में फेंक दिया था। मौके पर कुछ लोग उनको बचाने के लिए आगे बढ़े भी तो दबंगों ने हथियार दिखाते हुए किसी को नदी में नहीं घुसने दिया। इसकी वजह से उनके पति की नदी में डूब कर मौत हो गई। बताते हैं कि शव के चेहरे पर हल्के घाव के निशान भी थे। इस मामले में मृतक के भाई राजेंद्र प्रसाद ने तीन लोगों के खिलाफ पहले ही रिपोर्ट दर्ज करा दी है। ज्ञात रहे लाश को नदी में ढूंढने के लिए गोताखोर, फ्लड टीम तथा पीएसी के जवानों को भी लगाया गया था। पानी में जाल भी डलवाए गए थे, लेकिन लाश का पता नहीं लगा था। इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई थीं, लेकिन लाश बरामद होने के बाद महिपाल के डूबने का सच भी सामने आ गया। मौके पर लोगों का यह भी कहना था कि जहां महिपाल सिंह डूबे थे वहां पुरानी कुंड जैसा बना हुआ था और 25 फिट गहरा पानी था। संभवत: उसी में लाश फंसी रही और तीन दिन लगातार ढूंढने पर भी नहीं मिली। बीती रात हुई बारिश और तेज हवा से लाश बहकर मनिहार गांव के पास पहुंच गई, जिसे शुक्रवार सुबह ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने बरामद कर लिया। लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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महिपाल के हैं पांच बच्चे
महिपाल अपने परिवार में अकेला कमाने वाला था। खेतीबाड़ी से परिवार का भरण पोषण होता था। उसके पांच बच्चे हैं, इसमें सबसे बड़ी पुत्री रीतू विवाह योग्य है। इसके अलावा सुखवीर, श्यामवीर, रीतेश और सबसे छोटा पुत्र अनुराग छह वर्ष का है। महिपाल की मां 70 वर्षीय सावित्री रो-रोकर कह रही थी कि बच्चे कैसे पलेंगे, रीतू की शादी कौन करेगा?
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