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पुवायां में उड़नदस्ता टीम से भिड़े व्यापारी

Fri, 13 Jan 2017 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो पुवायां।
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उड़नदस्ता - फोटो : अमर उजाला
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रुपये जमा करने बैंक जा रहे खाद व्यापारी को पकड़ने पर हंगामा
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 शुक्रवार को उड़नदस्ता टीम ने एक खाद व्यापारी को रोक लिया। व्यापारी 72 हजार की नकदी बैंक में जमा करने जा रहा था। व्यापारी को थाने लाने की जानकारी पाकर व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने थाने पहुंचकर जमकर हंगामा किया। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद व्यापारी के रुपये बैंक में जमा कराए जा सके।
पुवायां के मोहल्ला कटरा बाजार निवासी नाजिम शुक्रवार को दुकान से 72 हजार रुपये लेकर बैंक में जमा करने जा रहे थे। उड़नदस्ता प्रथम ने उन्हें गांव बड़ागांव के पास रोक लिया। तलाशी लेने पर उनके पास 72 हजार रुपये मिले तो उड़नदस्ता ने उन्हें रोक लिया। नाजिम ने बैंक का जमा फार्म दिखाया, लेकिन इसके बाद भी उन्हें थाने लाकर रुपये सीज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। नाजिम की सूचना पर व्यापार मंडल अध्यक्ष केके लील, तहसील कोषाध्यक्ष मंगल मिश्र, सुरेद्र सिंह, कपिल गुप्ता, हरिओम अवस्थी सहित कई व्यापारी कोतवाली आ पुहंचे और उड़नदस्ते की कार्रवाई पर रोष जताते हुए व्यापारी को रुपयों सहित छोड़ने को कहा। उड़न दस्ता प्रभारी राकेश शुक्ला ने रुपये छोड़ने से मना किया तो व्यापारी भड़क गए और आयोग का आदेश दिखाने की मांग करने लगे।
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काफी देर तक चले हंगामे पर कोतवाली प्रभारी अशोक कुमार ने मामले में हस्तक्षेप कर व्यापारियों को शांति किया और मामले की सूचना सीडीओ, एडीएम सहित उच्च अधिकारियों को दी। सीडीओ के निर्देश पर व्यापारी के रुपये उसके खाते में जमा कराए गए और जमा स्लिप को उड़नदस्ता टीम ने अपने पास रख लिया। इसके बाद मामला निपट सका। 


चेकिंग पर चक-चक, मनमानी पर उतरी पुलिस
महिलाओं और रोगियों को भी नहीं बख्शा जा रहा
आचार संहिता का पालन कराने के नाम पर चल रही पुलिस की चेकिंग से आम आदमी परेशान है। उड़नदस्ते में शामिल पुलिस भी पूरी तरह से मनमानी पर उतर आई है। हर चौराहे और मनमानी जगहों पर कार रोक कर लोगों से तमाम सवाल जवाब किए जा रहे हैं। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि कार में फैमिली हो या फिर मरीज, सभी को तलाशी के नाम पर जबरिया कार से उतारा जा रहा है।
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आचार संहिता लागू होने के बाद पुलिस पूरी तरह से मनमानी पर उतर आई है। पुलिस नेता, व्यापारी सहित किसी को भी चेकिंग के नाम पर रोक रही है और सम्मानजनक ढंग से जानकारी करने के बजाय पुलिसिया भाषा में बात कर रही है। पुलिस के इस रवैये से महिलाएं खासी परेशान हैं।
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