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बदमाशों ने तकिया तक तलाशा और पुलिस ने लूट छिपा ली

Tue, 05 Apr 2016 12:02 AM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
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बदमाशों ने तकिया तक तलाशा और पुलिस ने लूट छिपा ली
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एक तरफ बदमाशों में बाला जी धाम मंदिर में मुख्य सेवादार की हत्या करने के बाद लूटपाट को अंजाम दिया दूसरी तरफ कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट में लूट का जिक्र तक नहीं है। वह भी तब जब बदमाशों ने हर कमरे में रखी अलमारी, बक्से का ताला तोड़कर तलाशी। यही नहीं, बदमाशों ने कमरों में रखे तकिया तक को फाड़कर उसे तलाशा है। हालांकि इससे यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या बदमाश लूट के साथ साथ किसी और अहम वस्तु की तलाश में आए थे। मौके पर बिखरा सामान, टूटे ताले लूट की गवाही दे रहे हैं और पुजारी शिवराम द्विवेदी ने भी मीडिया को लूटे गए सामान के बारे में जानकारी दी है लेकिन पुलिस ने उनकी तहरीर पर धारा 302 के तहत ही मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि सीओ अनुराग दर्शन ने मौका मुआयना किया और बताया कि इंस्पेक्टर रिपोर्ट में लूट की धारा बढ़ाएंगे। उधर, वारदात की सूचना पाकर मौके पर पहुंची डॉग स्क्वाड की टीम में शामिल लूसी ने घटनास्थल पर सूंघने के बाद मंदिर के पीछे बसे चार-पांच परिवारों की बस्ती के तीन मकानों के अंदर गई और वापस आ गई। लूसी जिन घरों में गई, पुलिस उन सभी घरों के छह लोगों को हिरासत में लेकर कोतवाली में पूछताछ कर रही है। 
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घटना अलसुबह होने का अनुमान 
घटनास्थल पर काफी मात्रा में बहा मृतक का खून एकदम ताजा लग रहा था। माना जा रहा है कि बदमाशों ने वारदात को रात दो से सुबह चार बजे के बीच अंजाम दिया। हालांकि पुजारी सुबह पांच बजे मंदिर पहुंचे तब घटना का पता लगा लेकिन लोगों का कहना है कि उस तरफ तमाम लोग सुबह चार बजे से ही टहलने पहुंच जाते हैं।

किसी से नहीं थी रंजिश
अपनी इकलौती बेटी सावित्री की शादी खेत्र के गांव विश्रामनगर निवासी विक्रम के साथ करने के बाद वह मंदिर पर बाला जी की सेवा में रम गए थे। बेटी दामाद हरिद्वार में प्राइवेट नौकरी करते हैं। गांव सींगापुर से आए उनके भतीजे शिवसन ने बताया कि वह पांच दिन पहले ही वह गांव में सभी लोगों से मिलकर आए थे। बताते हैं कि गंगाप्रसाद की किसी से रंजिश नहीं थी और वह काफी सीधे थे। बीते तीन सालों मंदिर में रहने के दौरान उनका किसी से झगड़ा नहीं हुआ। जाहिर है बदमाश मंदिर में लूट के इरादे से घुसे। माना जा रहा है कि आहट होने पर जगे गंगाप्रसाद ने किसी को पहचान लिया या विरोध किया इसलिए बदमाशों ने उनकी हत्या कर दी। 
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घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इंस्पेक्टर अपनी वापसी में लूट की धारा बढ़ाएंगे। 
- अनुराग दर्शन, सीओ सदर
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