क्षेत्र के एक गांव में डकैती के दौरान गृहस्वामी की विवाहिता बेटी से रेप के मामले में अधिकारियों की सख्ती के बाद भी खुटार पुलिस अपना रवैया बदलने को तैयार नहीं है। खुद मौके पर जाकर रेप पीड़िता के कपड़े नहीं लाकर पुलिस ने कपड़े लाने की जिम्मेदारी पीड़िता के भाई को सौंप दी।
इस पूरे मामले में पुलिस मंगलवार को मामले को दबाने में जुटी रही थी, लेकिन मामला चर्चा में आ जाने के कारण चोरी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। एफआईआर में हत्या के प्रयास की धारा नहीं लगाई गई थी, जबकि गृहस्वामी की पत्नी गोली लगने के बाद से जिला अस्पताल में है। मंगलवार शाम एसपी केबी सिंह, एएसपी सुभाषचंद्र शाक्य, सीओ एमएस रावत गांव पहुंचे थे और लोगों से घटना के बारे में जानकारी ली थी। सही जांच के लिए मंगलवार को रेप के समय पहने हुए पीड़िता के कपड़ों को पुलिस को कब्जे में लेने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। बुधवार भी पुलिस ने मौके पर जाकर कपड़े कब्जे में लेने की बजाय उसके भाई से कपड़े थाने लेकर आने को कहा। उधर, शाहजहांपुर में पीड़िता का मेडिकल कराया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने बताया कि रेप पीड़िता की घायल मां के हाथ में छर्रे हैं। ऑपरेशन कर उन्हें निकाला जाएगा।