प्रेस कौंसिल ऑफ इंडिया की टीम ने मंगलवार को खुटार पहुंचकर पत्रकार जगेंद्र सिंह के परिवार के लोगों से बात कर पूरे मामले की जानकारी ली। टीम के सदस्यों ने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है। रिपोर्ट राज्यपाल, पीसीआई अध्यक्ष और गृह सचिव को सौंपी जाएगी।
पीसीआई के सदस्य और आईएनए के अध्यक्ष एसएन सिन्हा, पीसीआई सदस्य प्रकाश दुबे, सुमन गुप्ता की टीम मंगलवार दोपहर जगेंद्र सिंह के घर पहुंची और परिवार के लोगों से अकेले में बात की। टीम के सदस्यों ने इस बात पर फोकस रखा कि जगेंद्र सिंह पत्रकार थे कि नहीं। परिवार के लोगों ने जगेंद्र सिंह के कई समाचार पत्रों के आईकार्ड और समाचार पत्रों में छपी उनकी बाईलाइन स्टोरी टीम को दी। परिवार के लोगों ने जगेंद्र के बयान का वीडियो आदि भी टीम को दिखाया और पूरे मामले से अवगत कराते हुए न्याय दिलाने की मांग की। बाद में टीम के सदस्यों ने कहा कि पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट पीसीआई अध्यक्ष, राज्यपाल और गृहसचिव को सौंपी जाएगी। टीम के सदस्यों ने जांच के संबंध में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। टीम के साथ सहायक सूचना निदेशक अशोक शर्मा भी मौजूद रहे।
तीसरे दिन भी धरने पर बैठा रहा जगेंद्र का परिवार
खुटार।
पत्रकार जगेंद्र सिंह की मौत के मामले में दर्ज रिपोर्ट में आरोपी
राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा की बर्खास्तगी, हत्या में नामजद आरोपियों
की गिरफ्तारी, परिवार को आर्थिक सहायता और पत्रकार के पुत्रों को सरकारी
नौकरी की मांग को लेकर परिवार के लोग तीसरे दिन भी धरना-प्रदर्शन पर बैठे
रहे। परिवार के लोगों के साथ भाजपा नेता रागिनी सिंह भी धरने पर बैठीं।
जगेंद्र की पत्नी की हालत लगातार खराब होती जा रही है।
मंगलवार को
तीसरे दिन धरने पर परिवार के साथ भाजपा नेता रागिनी सिंह भी मौजूद रहीं।
उन्होंने कहा कि जगेंद्र सिंह की मौत के कई दिन बीत जाने और पत्रकार के
परिवार के धरने पर बैठने के बाद भी प्रदेश सरकार आरोपी मंत्री को बचाने में
जुटी है। इससे साफ है कि मंत्री अपराध करने के बाद भी गिरफ्तार नहीं
होंगे। लोग सपा की करतूत समझ चुके हैं और आगामी चुनाव में सपा का सफाया हो
जाएगा।
उधर, धरने पर बैठी पत्रकार जगेंद्र की पत्नी सुमन सिंह का
स्वास्थ्य सोमवार को बिगड़ गया था। रात में कई बार और मंगलवार दिन में भी
डॉक्टरों की टीम ने सुमन सिंह के स्वास्थ्य की जांच की। मंगलवार को सुमन
सिंह धरना स्थल पर बैठी नहीं रह सकीं। वह धरना स्थल पर पूरा दिन लेटी रहीं।
डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने का सुझाव दिया, लेकिन उन्होंने
इंकार कर दिया।
पूर्व विधायक नेतराम की पत्नी संतोष कुमार ने भी खुटार
पहुंचकर परिवार के लोगों के साथ धरना दिया। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में
हर वर्ग परेशान है और लोगों का जमकर उत्पीडन किया जा रहा है। पत्रकार के
परिवार को न्याय दिलाने के लिए वह हरसंभव मदद करेंगी। धरना स्थल पर जगेंद्र
के पिता सुमेर सिंह, बहन लवली सिंह, पुत्र राहुल और राजन, पुत्री रचना
सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
डटी रही डॉक्टरों की टीम
खुटार।
सोमवार को धरने पर बैठी पत्रकार जगेंद्र सिंह की पत्नी सुमन सिंह की हालत
बिगडने की जानकारी मिलने पर प्रशासन में हड़कंप मच गया था। मंगलवार को सुमन
सिंह का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहा। धरने पर बैठे परिवार के सभी सदस्यों का
दिन में कई बार स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। एसीएमओ डॉ. नरेशपाल के नेतृत्व
में डॉक्टरों ने सुमन के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। पुलिस और प्रशासनिक
अधिकारी भी पूरे दिन परिवार के लोगों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी
लेते रहे।
राज्यपाल ने फोन पर की जगेंद्र के परिवार से बात
खुटार। राज्यपाल रामनाईक ने मंगलवार को जगेंद्र सिंह के पुत्र राजन से फोन पर बात कर परिवार की सुरक्षा आदि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पूरा मामला अत्यंत दुखद है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना भी दी। राज्यपाल ने कहा कि पत्रकार की हत्या लोकतंत्र पर कुठाराघात है। वह इस मामले में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से बात कर चुके हैं। बुधवार को वह फिर से पूरे मामले में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से बात करेंगे। जगेंद्र सिंह के परिवार के लोगों ने कहा कि राज्यपाल का फोन आने से उन्हें काफी राहत मिली है। उन लोगों को प्रदेश सरकार पर कतई भरोसा नहीं है। राज्यपाल के मामले का संज्ञान लेने से उन्हें न्याय की उम्मीद जगी है।
श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की टीम भी पहुंची धरना स्थल
खुटार। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन की टीम मंगलवार को धरना स्थल पर पहुंचकर जगेंद्र सिंह के परिवार के लोगों से बात की और पूरी मदद का भरोसा दिलाया। पत्रकारों ने कहा कि न्याय नहीं मिलने तक पत्रकार भी धरना स्थल पर मौजूद रह कर धरना प्रदर्शन करेंगे। पत्रकार हंसराम मिश्रा, कुलदीप सिंह, अवनीश मिश्रा, विजय गुप्ता, संतोष तिवारी, राजेश देवल, मनोज कुमार, बब्बू सिंह, घनश्याम गुप्ता, अरूण बाथम सहित तमाम पत्रकार जगेंद्र के परिवार के लोगों से मिले और सपा सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। पत्रकारों ने कहा कि पूरा पत्रकार समुदाय जगेंद्र के परिवार के साथ है।
उधर, श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के प्रांतीय महासचिव रमेश शंकर पांडे के नेतृत्व में राजीव शर्मा, चंद्रदेव शर्मा, आमिद शाह सहित तमाम पत्रकार खुटार पहुंचे और धरना स्थल पर बैठ गए। रमेशशंकर पांडे ने कहा कि जगेंद्र सिंह के परिवार को न्याय दिलाने के लिए भी पत्रकार एकजुट हैं। इस दौरान तमाम पत्रकार मौजूद रहे।
विद्यार्थी परिषद ने सौंपा ज्ञापन
खुटार। अखिल भारतीय विद्यार्थी के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन बीडीओ की अनुपस्थित में लिपिक को सौंपकर जगेंद्र सिंह की हत्या में आरोपी राज्यमंत्री को बर्खास्त किए जाने की मांग की।
परिषद के कार्यकर्ता मौन जुलूस के रूप में ब्लाक पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जगेंद्र की हत्या के सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, परिवार के लोगों को 50 लाख रुपए की सहायता दिए जाने, जगेंद्र के पुत्रों को सरकारी नौकरी आदि मांगे की गई हैं। ज्ञापन पर सोनू मिश्रा, वैभव दीक्षित, धीरज कश्यप, शोभित शर्मा, रितु मिश्रा, शुभम बाजपेयी, नितेश सिंह आदि के हस्ताक्षर हैं।
पुलिस, प्रशासन और मीडिया का जमावाड़ा
खुटार। जगेंद्र सिंह का परिवार न्याय की मांग को लेकर घर के पास ही तीन दिन से धरने पर बैठा है। धरना स्थल पर सीओ सहित भारी संख्या में पुलिस तैनात की गई है। दिल्ली और लखनऊ से आए तमाम पत्रकार और चैनलों की ओवी वैन भी धरना स्थल पर मौजूद हैं। टीवी चैनलों के पत्रकार कई दिन से पूरे मामले को लाइव टेलीकास्ट कर रहे हैं। तमाम नागरिक भी धरना स्थल पर मौजूद रहकर धरने में सहयोग कर रहे हैं। फिल्म पीपली लाइव की तरह पीपल के नीचे धरने पर बैठे जगेंद्र के परिवार वालों के बयान लगातार चैनलों पर चल रहे हैं।