ट्रेन पर चढ़ते समय हाथ फिसलने से कानपुर का तेल व्यापारी ट्रेन के नीचे आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की जेब से मिले मोबाइल से कॉल करने पर उसकी शिनाख्त हुई। साथ ही जीआरपी ने उसके घरवालों को सूचना दी और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रात में मृतक के घरवाले पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंच गए।
बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे के करीब शाहजहांपुर की ओर से आई उपासना एक्सप्रेस रूट व्यस्त होने की वजह से स्टेशन पर आकर कुछ देर के लिए खड़ी हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब ट्रेन धीरे धीरे आगे बड़ी तभी उक्त युवक अपना बैग लेकर आगे की बोगी से उतर कर पीछे की बोगी में बैठने आया। वह व्यक्ति बोगी पर चढ़ ही रहा था कि उसका बैग हाथ से छूटकर रेल पटरी पर जा गिरा। जब वह बैग लेने के लिए झुका तभी झटके से नीचे चला गया, जिससे उसकी ट्रेन से कटकर मौत हो गई। सूचना पर पहुंची जीआरपी ने शव की तलाशी ली। उसकी जेब में मोबाइल मिला, लेकिन वह टूट गया था। इस पर एसआई अजय शर्मा ने वह सिम अपने मोबाइल में डालकर उनके बहनोई को कॉल किया।
बहनोई ने बताया कि उनका नाम संजय झा है। वह कानपुर महानगर के बाबूपुरवा थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर के रहने वाले हैं। उनकी उम्र करीब 40 वर्ष है। वह सिलाई मशीन के तेल का व्यापारी था। वह इस सिलसिले में कानपुर के अनवरगंज रेलवे स्टेशन से मुरादाबाद में तगादा करने के लिए जा रहे थे। वह शादीशुदा थे उसकी पत्नी गुड्डी के अलावा दो बच्चे भी हैं। जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं संघ के नगर कार्यवाह राजकमल वाजपेयी के साथ तमाम स्वयं सेवकों ने रेलवे स्टेशन पहुंचकर पीड़ित के घरवालों को ढांढस बंधाया।
रोजा में हर जगह अंधेरा देख तिलमिलाए डीआरएम
शाहजहांपुर/रोजा। डीआरएम मुरादाबाद को निरीक्षण के दौरान रोजा साइडिंग में सब अंधेरा ही अंधेरा मिला, ऐसा तब था जबकि यहां से रेलवे को अरबों रुपये की कमाई होती है। साइडिंग की बदहाली की व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। इतना ही नही रोजा बुकिंग आफिस में ड्यूटी रोस्टर के अनुसार काम न होने पर नाराजगी जताई।
डीआरएम प्रमोद कुमार बृहस्पतिवार को लखनऊ से लौटते हुए रामप्रसाद बिस्मिल नगर रेलवे का निरीक्षण करने के बाद सड़क मार्ग से शाम करीब साढ़े पांच बजे रोजा आये थे। उन्होने रोजा साइडिंग का निरीक्षण किया। यहां डीआरएम को कहीं भी बिजली देखने को नहीं मिली। इतना ही नहीं व्यापारियों के लिए यहां पानी तक का इंतजाम नहीं था। रेलवे स्टेशन पर भी अंधेरा ही था।
डीआरएम को रोजा रेलवे स्टेशन पूरी तरह से अव्यवस्थाओं का शिकार मिला, जिसको देखकर पहले विद्युत अभियंता संजय सक्सेना की क्लास ली गई। बाद में ड्यूटी रोस्टर चार्ट के अनुसार बुकिंग आफिस में काम को लेकर नाराजगी व्यक्त की। कई कर्मियो को डीआरएम प्रमोद कुमार ने अपनी निरीक्षण बुक में नोट कर सैलून में चले गए। निरीक्षण के समय एसएस एमयू खान, रेल पथ अभियंता हरगोविंद, बिजली अभियंता संजय सक्सेना एआरटी प्रभारी डीएल वर्मा, लोको प्रभारी हरिकुमार त्रिवेदी सहित तमाम मंडलीय अधिकारी मौजूद थे।
रोजा के गुड्स शेड का 90 लाख रुपये से होगा विकास
शाहजहांपुर। रेलवे के मुरादाबाद मंडल के डीआरएम प्रमोद कुमार ने सीतापुर से लेकर बालामऊ, पीआरपीएम, रोजा और शहर के रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। डीआरएम रोजा से शहर के रेलवे स्टेशन पर डीआरएम स्पेशल ट्रेन से करीब साढ़े सात बजे पहुंचे। उनका स्वागत शहीद अशफाक उल्ला खां स्काउट गाइड ग्रुप ने किया। डीआरएम ने बताया कि रोजा गुड्स शेड की स्थिति अच्छी नहीं है। इसलिए वहां पर 90 लाख रुपये की कीमत से कार्य किया जा रहा है। वहां पर सड़कों को भी सही कराया जाएगा।